नई दिल्ली । संसद के उच्च सदन राज्यसभा में हंगामे के बीच विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कटघरे में खड़ा किया तो हंगामा मच गया। उन्होंने लोकसभा से पारित और राज्यसभा में पेश एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कहा, छात्र जब महीनों से धरने पर बैठे थे, तब आप क्यों नहीं उनकी बात सुनी। जब वह धरने पर बैठे थे, उसके दो दिन बाद ही नड्डा साहब जाते तो छात्र लाठी नहीं खाते। ये सब नहीं भुगतना पड़ता।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, अमित शाह साहब दिख ही नहीं रहे हैं। छोटी-छोटी बातों पर आकर अपनी बात रखते हैं। इस तरफ क्यों नहीं आते, मुझे मालूम नहीं। प्रधानमंत्री भी मुंह नहीं खोल रहे हैं।
खड़गे ने शाह पर निशाना साधते हुए कहा, आप गृह मंत्री हो, कानून-व्यवस्था देखते हो, दिल्ली में इतनी गड़बड़ी पर भी मुंह नहीं खोल रहे हो। क्या स्टिच लगा लिया है क्या मुंह पर। नहीं, मैं नहीं आऊंगा…आपको जो सबक सिखाया है छात्रों ने वह फिर आकर सबक सिखा देंगे।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने शाह पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि हजारों छात्रों ने संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च किया। वे संवाद चाह रहे थे। उनको मिला लाठीचार्ज, आंसू गैस, पैलेट गन, रेलवे स्टेशन बंद, इंटरनेट बंद। इससे छात्र उचक गए। आप शांति से उनको संभाल नहीं सके। कई छात्र घायल हो गए। कई बच्चों को आंखों में छर्रे लगे। ये देखकर हमको शर्म आई, उनको आया कि नहीं मुझे मालूम नहीं।
मल्लिकार्जुन खड़गे शाह पर हमलावर होते हुए कहा, मेरे विद्यार्थी जो गांव-गांव से आए, उनको पैलेट गन का इस्तेमाल करके मार रहे हैं। उनके हाथ-पैर टूटे। इसका जिम्मेदार कौन है। होम मिनिस्टर है। बंद एसी कमरे में आप मेरी बात सुन रहे होंगे, लेकिन छिपकर आप बहुत दिन रह नहीं सकते। एक दिन हम बाहर खींचकर लाएंगे और जनता के सामने दिखाएंगे कि क्या है? इस पर ट्रेजरी बेंच के सदस्यों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया।
नेता सदन जेपी नड्डा ने खड़गे की स्पीच में असंसदीय शब्द के इस्तेमाल का दावा करते हुए चेयरमैन से इसे एक्सपंज करने की मांग की। खड़गे ने कहा कि हमने किसी असंसदीय शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। हम मतलब जनता। सरकार को 20 जुलाई की घटना के बाद देश की जनता के सामने सफाई रखनी चाहिए थी।
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