गंगटोक : सिक्किम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच गुरुवार को कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-10 के सिंगताम-रंगपो मार्ग पर बारदांग के 20 माइल क्षेत्र में भारी मलबा आने से यातायात रोक दिया गया। वहीं गंगटोक जिले के बोजोघारी समेत कई इलाकों में भूस्खलन और मलबा बहने से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। गेजिंग जिले के रिम्बी क्षेत्र में स्थिति को देखते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को सिक्किम के सभी छह जिलों गंगटोक, गेजिंग, मंगन, नामची, पाकिम और सोरेंग के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। शुक्रवार को बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना के बीच येलो वॉच रहने का अनुमान है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
गुरुवार सुबह बारदांग के 20 माइल क्षेत्र में पहाड़ से बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा, जिसके बाद एनएच-10 पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। प्रशासन की टीमें मलबा हटाने और सड़क बहाल करने में जुटी हैं। यात्रियों को फिलहाल सिंगताम-दुगा-रंगपो वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
इधर, गंगटोक जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने बारिश और भूस्खलन से हुए नुकसान का व्यापक आकलन शुरू किया है। काबी तिंगदा क्षेत्र के विधायक टीटी भूटिया, विधायक के ओएसडी, पार्षद, डीडीएमए के संयुक्त निदेशक, सड़क एवं पुल विभाग के एनएच विंग के डिविजनल इंजीनियर, रांका के बीडीओ तथा राजस्व सर्वेक्षकों सहित विभिन्न विभागों की टीमों ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया।
टीम ने बोजोघारी, लोअर बोजोघारी, लिंगडिंग, हाई कोर्ट रोड, टीएनए गेट, वीआईपी कॉलोनी, अपर जेड-बोजोघारी, पांगथांग-लिंगदोक रोड, पामरो गांव, लिंग पेरबिंग, अपर व मिडिल लुइंग, फेंजोंग, रांका, रकदोंग तिनटेक, दारागांव अपर बर्टुक, सिचे और अरिथांग समेत कई इलाकों का जायजा लिया। कई स्थानों पर सड़क पर मिट्टी और मलबा आने से आवाजाही बाधित हुई है, जबकि कुछ मकान और अन्य संरचनाएं भी भूस्खलन के कारण प्रभावित हुई हैं।
बोजोघारी में ताजा भूस्खलन के दौरान कई वाहनों के मलबे में दबने की सूचना है। नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। सिचे स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी प्रभावित हुआ है। इसके अलावा एंचे स्कूल के 33/11 केवी स्विचिंग स्टेशन के पास जमा मलबे को संभावित खतरे के रूप में चिन्हित किया गया है।
गेजिंग जिले के रिम्बी क्षेत्र में भी 12 सितम्बर से लगातार भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। 14 सितम्बर को भारी बारिश और जलभराव के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने का अभियान तेज किया था। एहतियात के तौर पर 28 घरों के 128 लोगों को रिम्बी ग्राम पंचायत केंद्र में स्थानांतरित किया गया है। मंदिर प्वाइंट के आसपास का क्षेत्र सबसे संवेदनशील माना जा रहा है। इसके अलावा सिंगलितम स्थित राहत केंद्र में सात प्रभावित परिवारों के 33 से अधिक लोगों को ठहराया गया है।
प्रभावित और संवेदनशील स्थानों पर बारिश का पानी भूस्खलन वाले हिस्सों में जाने से रोकने के लिए डीडीएमए की ओर से आवश्यकतानुसार तिरपाल लगाए गए हैं। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों से रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन की टीमें सड़कों से मलबा हटाने, संपर्क बहाल करने और नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं।
प्रशासन ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और अस्थिर ढलानों तथा मलबे वाले स्थानों से दूर रहने को कहा है। जमीन या मकानों में दरार, चट्टान या मलबा गिरने तथा ढलान में किसी तरह की हलचल दिखाई देने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई है। लगातार बारिश के कारण सप्ताहांत तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।
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