पटना । ‘ये सरकार बिहारवासियों को बेवकूफ बना रही है। जाति विशेष के खिलाफ पुलिसिया अत्याचार को प्रोत्साहित कर यह अनैतिक सरकार, जनता का ध्यान भटका कर चंद नकारात्मक प्रवृति के लोगों को मानसिक संतुष्टि और खुशी तो दे सकती है लेकिन महिलाओं पर अत्याचार नहीं रोक सकती।’ बिहार की सियासत में लॉ एंड ऑर्डर पुलिस से ज्यादा पॉलिटिकल मामला होता है। कानून-व्यवस्था को लेकर संग्राम एक बार फिर तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तीखे सवाल दागे हैं।
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि गृह विभाग की जिम्मेदारी खुद सीएम के पास है, इसके बावजूद अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में पल रहे बलात्कारियों और अपराधियों के दिलों से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिसके चलते पूरा बिहार इस वक्त भारी असुरक्षा और खौफ के साये में जीने को मजबूर है।
सत्तारूढ़ दल को घेरते हुए तेजस्वी यादव ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ हो रही बर्बरता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया और कई गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ ही दिनों के भीतर बिहार में 50 से अधिक महिलाओं के साथ गैंगरेप और दुष्कर्म के बाद हत्या जैसी खौफनाक वारदातें हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन द्वारा एक जाति विशेष के खिलाफ अत्याचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे कुछ नकारात्मक प्रवृत्ति के लोगों को मानसिक संतुष्टि तो मिल सकती है, मगर अपराध नहीं रुक सकता।
तेजस्वी ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, विगत चंद दिनों में बिहार में 50 से अधिक महिलाओं के साथ गैंगरेप हुआ, दुष्कर्म बाद उनकी हत्या कर दी गई लेकिन बड़बोले मुख्यमंत्री महिला सुरक्षा, महिला गरिमा और महिलाओं के विरुद्ध अपराध को लेकर मौन है। सत्ता संपोषित बलात्कारियों और अपराधियों को कानून का खौफ नहीं। बिहार में डरावने हालात है।
तेजस्वी यादव ने मीडिया के सामने राज्य के विभिन्न जिलों में हाल ही में घटित हुई आपराधिक घटनाओं की एक लंबी सूची पेश की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि दरभंगा, सहरसा, लखीसराय, जमुई और राजधानी पटना समेत कई अन्य जिलों में लगातार संगीन वारदातें दर्ज की गई हैं। नेता प्रतिपक्ष के मुताबिक, ये तो महज कुछ बानगी भर है, जबकि असल जमीनी आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा खौफनाक है। बिहार का लॉ एंड ऑर्डर अब पूरी तरह ‘डिसऑर्डर’ हो चुका है।
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