गंगटोक : पश्चिम सिक्किम के रिम्बी क्षेत्र में विनाशकारी भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के लिए राहत एवं पुनर्वास कार्य तेज कर दिया गया है। एसकेएम की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के निर्देश पर प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ उनके लिए सुरक्षित आवास तैयार करने का काम चल रहा है।
बुर्तुक विधानसभा क्षेत्र की विधायक तथा एसकेएम पंचायत प्रकोष्ठ की प्रभारी उपाध्यक्ष कला राई के मार्गदर्शन में प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक तिरपाल, चादर और बांस सहित अन्य सामग्री घटनास्थल पर पहुंचाई गई है। राहत अभियान को एसकेएम पंचायत प्रकोष्ठ और संगठनात्मक प्रकोष्ठ के समन्वय से ओटी लेप्चा और उनकी टीम द्वारा संचालित किए जाने की जानकारी दी गई है।
राहत एवं पुनर्वास कार्य को प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) कर्मा सुब्बा, योक्सम-ताशिडिंग विधानसभा क्षेत्र के विधायक के ओएसडी बसंत तमांग, पर्यटन विभाग के ओएसडी मिंगमा लेप्चा, मुख्यमंत्री के ओएसडी डिगम गुरूंग तथा लोकसभा सांसद के ओएसडी नोसांग लिम्बू समेत एसकेएम के कार्यकर्ता मौके पर लगातार काम कर रहे हैं।
बताया गया है कि रिम्बी क्षेत्र में लगातार भारी बारिश के बावजूद राहत दल आवास निर्माण कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रहा है। भूस्खलन के कारण जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह प्रभावित हुए हैं, उनके लिए दशहरा से पहले सुरक्षित आवास तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि प्रभावित परिवार आगामी त्योहार अपने नए सुरक्षित आशियाने में मना सकें।
राहत एवं निर्माण कार्य में स्थानीय लोगों की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। मल्ली विधानसभा क्षेत्र के एसकेएम युवा प्रकोष्ठ के प्रतिनिधियों के अलावा पेलिंग ब्लू रिंग सोसाइटी और चोंगरांग अरिथांग समाज के सदस्यों ने श्रमदान किया। जिला पंचायत सदस्यों बीरेन गुरूंग और यदुनाथ छेत्री सहित स्थानीय लोगों ने भी निर्माण स्थल पर पहुंचकर राहत एवं आवास निर्माण कार्य में सहयोग दिया।
यहां जारी बयान में आवास निर्माण के लिए संबंधित विभाग के मंत्री अरुण उप्रेती, सलाहकार कला राई तथा विभाग की ओर से मिले सहयोग के प्रति रिम्बी के लोगों और सिक्किमवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया गया है। एसकेएम ने कहा है कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
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