पाकिम : आईसीएआर-राष्ट्रीय ऑर्किड अनुसंधान केंद्र, पाकिम का 30वां स्थापना दिवस सोमवार को केंद्र परिसर में मनाया गया। इस वर्ष समारोह की थीम ‘सतत जैव-अर्थव्यवस्था के लिए ऑर्किड : विकसित भारत की दिशा में मार्ग’ रखी गई। कार्यक्रम में सिक्किम में ऑर्किड अनुसंधान, संरक्षण, खेती और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने के साथ इससे जुड़े किसानों के लिए टिकाऊ आजीविका और आर्थिक अवसर विकसित करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईसीएआर-राष्ट्रीय ऑर्किड अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ एसपी दास ने ऑर्किड संरक्षण, आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन, नई संकर किस्मों के विकास और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में केंद्र की उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने ऑर्किड की आर्थिक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए उत्पादकों, बाजार, पर्यटन और ऑर्किड आधारित व्यवसायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए ऑर्किड की खेती का विस्तार करने, आधुनिक सुविधाएं विकसित करने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित तकनीकों को अपनाने की बात कही। इसके अलावा ऑर्किड को बढ़ावा देने और उत्पादकों के लिए बाजार के नए अवसर तैयार करने के उद्देश्य से प्रदर्शनियों और ऑर्किड महोत्सवों के आयोजन पर भी जोर दिया गया।
बागवानी एवं कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक छिरिंग छोफेल भूटिया ने किसानों के लिए केंद्र की ओर से किए जा रहे सहयोग, व्यावसायिक पुष्प उत्पादन, फार्म स्कूलों तथा क्लस्टर आधारित खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं बागवानी विभाग की अतिरिक्त निदेशक पेमा छोडेन भूटिया ने सिक्किम में पुष्प उत्पादन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए ग्रीनहाउस, टिश्यू कल्चर, प्रशिक्षण, विपणन और मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की।
समारोह के दौरान आईसीएआर-राष्ट्रीय ऑर्किड अनुसंधान केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही सिक्किम और दार्जिलिंग हिमालय क्षेत्र के उत्कृष्ट ऑर्किड उत्पादकों को सम्मानित किया गया। पौध रोपण सामग्री एवं इनपुट प्रसार कार्यक्रम के तहत किसानों और लाभार्थियों के बीच रोपण सामग्री तथा अन्य आवश्यक कृषि इनपुट भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
समारोह में सिक्किम विश्वविद्यालय, गंगटोक के कुलपति प्रो. शांतनु कुमार स्वैन, पाकिम जिले के उपमंडलाधिकारी तेंदुप लेप्चा, पाकिम के मुख्य शिक्षा अधिकारी नारायण मिश्रा, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के डीन डॉ संजीत कुमार, आईसीएआर-क्रिडा, हैदराबाद के प्रधान वैज्ञानिक डॉ बी सरकार, उत्तर बंग कृषि विश्वविद्यालय के बागवानी संकाय के प्रो सौमेन मैत्रा, आईसीएआर-सीआरआरआई, कटक के डीन एवं फसल सुधार निदेशक डॉ के चट्टोपाध्याय तथा बीरमिक स्थित कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर, सीएयू के डीन एवं प्रभारी प्रधान वैज्ञानिक डॉ एस बंद्योपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।
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