पाकिम : कृषि विभाग, पाकिम ने आत्मा के सहयोग से पाकिम प्रखंड में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) एवं केसीसी विषयक जागरुकता कार्यक्रम सह किसान-वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया।
कार्यक्रम का समन्वयन एडीओ गगन गुरुंग एवं कृषि विकास पदाधिकारी बिनीता छेत्री ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ एडीओ गगन गुरुंग के स्वागत भाषण से हुआ। इस अवसर पर पाकिम कृषि विभाग की उपनिदेशक तथा आत्मा की उप परियोजना निदेशक रेबिका गुरुंग ने आत्मा के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं पहलों की जानकारी दी।
उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों के सफल संचालन में क्षेत्रीय कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसान-वैज्ञानिक संवाद किसानों के बीच संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान तथा क्षमता निर्माण का प्रभावी मंच है। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं किसान क्रेडिट कार्ड की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि ये योजनाएं किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने तथा कृषि जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
साथ ही उन्होंने एग्रीस्टैक-फार्मर्स रजिस्ट्री तथा चल रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे के प्रति प्रतिभागियों को जागरूक किया और बताया कि ये पहल कृषि क्षेत्र का व्यापक डिजिटल डाटाबेस तैयार करने तथा किसानों तक कृषि सेवाओं एवं सरकारी लाभों की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम को जिला मत्स्य विकास पदाधिकारी गौरी मुखिया ने भी संबोधित किया। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं एवं किसानों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी।
वहीं उद्यान विकास पदाधिकारी मेनुका राई ने उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए नव प्रारंभ वेजिटेबल बास्केट पहल की जानकारी प्रतिभागियों को दी। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की एलडीएम पासांग शेरपा ने किसान क्रेडिट कार्ड एवं किसानों के लिए उपलब्ध विभिन्न बीमा योजनाओं के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों से सरकार प्रायोजित योजनाओं एवं अनुदानों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। पाकिम शाखा के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक राकेश आर्य ने किसान क्रेडिट कार्ड सुविधा प्राप्त करने की प्रक्रिया एवं इसके लाभों की विस्तार से जानकारी दी।
जेनरली सेंट्रल इंश्योरेंस कंपनी की जिला समन्वयक दिल कुमारी राई ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए पंजीकरण प्रक्रिया, बीमा कवरेज तथा दावा निपटान की प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं कॉमन सर्विस सेंटर के जिला समन्वयक नोरबू शेरपा ने किसानों के लिए डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सीएससी की भूमिका पर प्रकाश डाला। पशुपालन एवं एएच एंड वीएस की उपनिदेशक डॉ चंपा शर्मा ने पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, पशुधन विकास कार्यक्रम, किसान क्रेडिट कार्ड तथा विभाग द्वारा संचालित बीमा योजनाओं की जानकारी साझा की।
केवीके के वैज्ञानिक डॉ बोनिफेस लेप्चा ने केवीके की गतिविधियों की जानकारी देते हुए डल्ले खुर्सानी एवं अदरक की खेती में समेकित कीट प्रबंधन तथा समेकित रोग प्रबंधन विषय पर तकनीकी सत्र प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पंचायत अध्यक्ष धन माया मंगर थीं।
उन्होंने अपने संबोधन में किसानों से सरकारी योजनाओं में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन एवं आजीविका में वृद्धि करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पंचायत अध्यक्ष धन माया मंगर, कृषि विभाग की उपनिदेशक रेबिका गुरुंग, एएच एंड वीएस विभाग की उपनिदेशक डॉ. चंपा शर्मा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की एलडीएम पासांग शेरपा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पाकिम शाखा के प्रबंधक राकेश आर्य, जिला मत्स्य विकास पदाधिकारी गौरी मुखिया, उद्यान विकास पदाधिकारी मेनुका राई, कृषि विकास पदाधिकारी गगन गुरुंग, कृषि विकास पदाधिकारी बिनीता छेत्री, कृषि निरीक्षक कविता बराइली, बीटीएम योगेश गौतम, जनरली सेंट्रल इंश्योरेंस कंपनी की जिला समन्वयक दिल कुमारी राई तथा सीएससी के जिला समन्वयक नोर्बू शेरपा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
पाकिम प्रखंड के बड़ी संख्या में किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया तथा संवाद सत्र में सक्रिय सहभागिता करते हुए विशेषज्ञों से कृषि एवं सरकारी योजनाओं से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम का समापन बीटीएम योगेश गौतम के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, एग्रीस्टैक-फार्मर्स रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा सरकार समर्थित अन्य कृषि योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। कृषि विभाग ने बताया कि जिले के शेष प्रखंडों में भी इसी प्रकार के जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक किसानों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा सके और कृषि क्षेत्र में व्यापक जनजागरुकता सुनिश्चित हो सके।
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