गेजिंग : सिक्किम की प्राचीन राजधानी योक्सम में 21 से 28 अगस्त तक राज्य के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्वों में शामिल पांग-ल्हाबसोल महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। आठ दिवसीय इस महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, आध्यात्मिक कार्यक्रमों, मोटरसाइकिल राइड और तीर्थ ट्रैकिंग सहित अनेक गतिविधियों का आयोजन होगा, जो सिक्किम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपरा को प्रदर्शित करेंगी।
पांग-ल्हाबसोल सेलिब्रेशन कमेटी, योक्सम द्वारा आयोजित इस महोत्सव का आयोजन पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री तथा योक्सम-ताशिडिंग के विधायक छिरिंग टी भूटिया के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। वह वर्ष 2026 के पांग-ल्हाबसोल सेलिब्रेशन कमेटी के मुख्य संरक्षक भी हैं।
महोत्सव की तैयारियों के तहत बुधवार को आयोजन समिति की बैठक और कर्टेन रेजर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद समिति के सदस्यों और अधिकारियों ने योक्सम स्थित नोर्बुगांग में महोत्सव स्थल का संयुक्त निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की तथा विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पांग-ल्हाबसोल सिक्किम का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो राज्य के संरक्षक देवता के रूप में माउंट खांगचेंदजोंगा की प्रतिष्ठा और संरक्षण की परंपरा का प्रतीक माना जाता है। प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला यह पर्व सिक्किम के लोगों और पवित्र कंचनजंघा पर्वत के बीच आध्यात्मिक संबंध को दर्शाता है। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है।
आठ दिनों तक चलने वाले महोत्सव में धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित होगी, जिनके माध्यम से सिक्किम की लोक परंपराओं, संस्कृति और विरासत का प्रदर्शन किया जाएगा। महोत्सव के तहत 21 अगस्त को कंचनजंघा मोटरसाइकिल क्लब (केएमसी) द्वारा पेमायांग्त्से, पेलिंग से योक्सम तक वार्षिक ‘पांग-ल्हाबसोल राइड’ का आयोजन किया जाएगा। राज्यभर के मोटरसाइकिल प्रेमियों को इस राइड में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराने का आमंत्रण दिया गया है।
इसके अलावा योक्सम पर्यटन विकास समिति (वाईटीडीसी) द्वारा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खांगचेंदजोंगा राष्ट्रीय उद्यान के भीतर जोंगरी होते हुए पवित्र दूध पोखरी तक तीर्थ ट्रैकिंग का आयोजन किया जाएगा। इस आध्यात्मिक यात्रा में भाग लेने के इच्छुक लोगों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हर वर्ष पेमायांग्त्से मठ के भिक्षु स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ डाबलागांग और जोंगरी की तीर्थयात्रा करते हैं, जहां सिक्किम के संरक्षक देवता के रूप में पूजनीय माउंट कंचनजंघा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
आयोजन समिति के अनुसार महोत्सव के मुख्य दिन 28 अगस्त को पेमायांग्त्से मठ के भिक्षु और श्रद्धालु जोंगरी में विशेष प्रार्थना करेंगे। इसी दौरान योक्सम के नोर्बुगांग में भी समानांतर धार्मिक समारोह आयोजित किए जाएंगे। महोत्सव का समापन रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और संगीतमय संध्या के साथ होगा। आयोजन में वन एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत खांगचेंदजोंगा राष्ट्रीय उद्यान, ग्यालशिंग डिवीजन तथा सिक्किम सरकार के पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग का सहयोग रहेगा।
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