पाकिम : बरदांग-रंगपो राष्ट्रीय राजमार्ग के 20वें मील क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन और सड़क क्षति की स्थिति का शनिवार को उच्चस्तरीय संयुक्त निरीक्षण किया गया। इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मिंग सिक्किम (आईटीएस) के उपाध्यक्ष सीपी शर्मा, आईटीएस के सदस्यों तथा सूचना प्रौद्योगिकी, भूमि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सलाहकार एवं विधायक एलबी दास ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर चल रहे पुनर्बहाली कार्यों और दीर्घकालिक समाधान की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सदस्य बी छेत्री, सड़क एवं पुल विभाग के प्रमुख अभियंता-सह-सचिव एबी सुब्बा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डीजी श्रेष्ठ, जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता राजीव सुब्बा, खान एवं भूविज्ञान विभाग के निदेशक पीटी भूटिया, वन एवं पर्यावरण विभाग के मुख्य वन संरक्षक एसके थ्टाल, एनएचआईडीसीएल के कार्यकारी निदेशक अशोक कुमार साहा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
आईटीएस की ओर से नम्रता थापा, डॉ सांगे दोर्जी भूटिया, डॉ भरत चंद्र बसिष्ठ, डॉ नीरज अधिकारी, डीआर गुरुंग, डॉ शिव कुमार शर्मा और जेएस लेप्चा भी निरीक्षण में शामिल हुए। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र में कराए गए तकनीकी सर्वेक्षणों और भू-वैज्ञानिक जांच की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि तेज जल प्रवाह के कारण सड़क का निचला हिस्सा लगातार कट रहा है, जबकि सड़क के ऊपर स्थित ढलान की अस्थिरता के कारण बार-बार भूस्खलन हो रहा है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग और आसपास के रिहायशी क्षेत्रों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
बैठक के दौरान सड़क संपर्क बहाल करने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। विभिन्न विभागों ने इंजीनियरिंग आधारित स्थायी समाधान के लिए अपने-अपने तकनीकी सुझाव प्रस्तुत किए, ताकि भविष्य में इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में चौबीसों घंटे सड़क साफ करने का कार्य जारी है। मलबा हटाने और कम से कम एकतरफा यातायात बहाल रखने के लिए 11 एक्सकेवेटर, तीन जेसीबी मशीनें और दो बुलडोजर लगातार कार्य कर रहे हैं।
निरीक्षण दल ने प्रभावित सड़क खंडों के अलावा ऊपरी ढलानों का भी निरीक्षण किया, जहां लगातार भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके पूर्व टीम ने सेंट्रल पेंदाम के सपकोटा गांव स्थित भुरुंग क्षेत्र का भी दौरा किया, जहां हालिया भूस्खलन से पहाड़ी का हिस्सा प्रभावित हुआ है और आसपास की आबादी पर संभावित खतरा बना हुआ है।
विधायक एवं सलाहकार एलबी दास ने अधिकारियों को तत्काल राहत कार्यों के साथ-साथ स्थायी भू-स्थिरीकरण उपायों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्बाध यातायात बनाए रखना रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों से समन्वय के साथ कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया।
आईटीएस के उपाध्यक्ष सीपी शर्मा ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर बल देते हुए कहा कि अद्यतन तकनीकी रिपोर्ट के साथ शीघ्र समीक्षा बैठक आयोजित की जानी चाहिए, ताकि लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि सिंगलेबोंग गांव के 48 परिवार भूस्खलन की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र में रह रहे हैं। इस पर आईटीएस सदस्य नम्रता थापा ने पूरे क्षेत्र के लिए व्यापक आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने, संवेदनशील स्थानों की पहचान, क्षमता निर्माण, आपदा पूर्व तैयारी तथा आवश्यकता पड़ने पर पुनर्वास की योजना बनाने पर जोर दिया।
इस निरीक्षण में सड़क एवं पुल विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल), केंद्रीय जल आयोग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, खान एवं भूविज्ञान विभाग, सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, वन एवं पर्यावरण विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
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