आपदा से बचाव का पाठ अब हर शुक्रवार, स्कूलों में चलेगा ‘सेफ्टी फाइव’

पाकिम : सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) और पाकिम जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को पाकिम कम्युनिटी हॉल में ‘फ्राइडे सेफ्टी फाइव’ विषय पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आपदा से बचाव, सुरक्षा जागरूकता तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत एसएसडीएमए निदेशक राजीव रोका द्वारा ‘फ्राइडे सेफ्टी फाइव’ पहल की विस्तृत जानकारी के साथ हुई। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत राज्य के शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रत्येक शुक्रवार को पांच मिनट का विशेष सुरक्षा सत्र आयोजित किया जाएगा। इन सत्रों के माध्यम से बच्चों को भूकंप, भूस्खलन, आग, बाढ़ और अन्य आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी।

रोका ने कहा कि नियमित अभ्यास से बच्चों में सुरक्षित व्यवहार विकसित होगा और बार-बार प्रशिक्षण मिलने से आपात स्थिति में सही प्रतिक्रिया देने की क्षमता बढ़ेगी। यह पहल 18 सितंबर 2026 को आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में औपचारिक रूप से शुरू की जाएगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाकिम के अतिरिक्त जिला कलेक्टर पुलकित ने एसएसडीएमए की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन पूर्व तैयारी और समय पर कार्रवाई से उनके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मौजूदा मानसून के दौरान भूस्खलन की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने सामुदायिक स्तर पर आपदा तैयारियों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन सामूहिक जिम्मेदारी है और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय समुदाय ही सबसे पहले सहायता के लिए आगे आता है। इसलिए स्कूल स्तर से ही विद्यार्थियों को व्यावहारिक सुरक्षा ज्ञान और जीवनरक्षक कौशल प्रदान करना जरूरी है।

वहीं, एसएसडीएमए उप निदेशक केशव कोइराला ने शैक्षणिक संस्थानों में ‘फ्राइडे सेफ्टी फाइव’ के क्रियान्वयन पर तकनीकी सत्र लिया। उन्होंने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में साप्ताहिक सुरक्षा गतिविधियां, अभ्यास और मॉक ड्रिल आयोजित करने की प्रक्रिया तथा शिक्षकों की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। उप निदेशक एडा लॉरेंस ने आपदा प्रबंधन के मूल सिद्धांतों पर प्रशिक्षण देते हुए भूकंप, भूस्खलन, आंधी-तूफान, बिजली गिरने, हिमपात, हिमस्खलन, बादल फटने, अचानक बाढ़, ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड और आग की घटनाओं के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के बारे में बताया। उन्होंने भूकंप के समय ‘ड्रॉप, कवर एंड होल्ड’ तथा आग लगने पर ‘स्टॉप, ड्रॉप एंड रोल’ तकनीक की जानकारी दी। उनके साथ, उप निदेशक केसांग नीमा भूटिया ने भूकंप सुरक्षा और संभावित खतरों की समय रहते पहचान करने पर जोर दिया। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से स्कूल आपदा प्रबंधन योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा करने का आग्रह किया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ‘ड्रॉप, कवर एंड होल्ड’ तकनीक का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।

एसएसडीएमए के मानव संसाधन पेशेवर कुंजांग नामग्याल भूटिया ने प्राथमिक उपचार की जानकारी देते हुए रक्तस्राव, जलने, हड्डी टूटने और अन्य चोटों की स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान करने के तरीके बताए। उन्होंने सीपीआर का भी प्रदर्शन किया और आपात स्थिति में प्रथम प्रतिक्रिया देने वालों की भूमिका समझाई। इसके अलावा, संसाधन व्यक्ति मोहन भट्टराई ने आग से बचाव और सुरक्षा प्रबंधन पर सत्र लिया। उन्होंने आपातकालीन निकास मार्गों को खुला रखने, आग के विभिन्न प्रकारों तथा आग लगने की स्थिति में उचित प्रतिक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने रेस सिद्धांत-रेस्क्यू, अलार्म, कंटेन और एक्सटिंग्विश-की जानकारी दी। साथ ही, प्रतिभागियों को अग्निशामक यंत्र के इस्तेमाल के लिए पास तकनीक-पुल, एम, स्क्वीज और स्वीप-का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम में पाकिम के जिला परियोजना अधिकारी टीआर छेत्री, सहायक शिक्षा निदेशक कैलाश शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग, एसएसडीएमए और डीडीएमए के अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा अन्य उपस्थित थे।

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