सिक्किम विधानसभा में ₹19,215 करोड़ का बजट पेश, विकास योजनाओं की झड़ी

आत्मनिर्भर और विकसित सिक्किम की दिशा में बड़ा कदम

गंगटोक : ग्यारहवीं सिक्किम विधानसभा का चार दिवसीय बजट सत्र सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष मिंग्मा नोरबू शेरपा की अध्यक्षता में राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को मुख्यमंत्री एवं वित्त विभाग के प्रभारी मंत्री प्रेम सिंह तमांग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 19,215 करोड़ रुपये के सकल व्यय वाला आम बजट पेश किया। वसूली को समायोजित करने के बाद राज्य का शुद्ध व्यय 18,455 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसके अलावा, बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा में छह विधेयक भी प्रस्तुत किए गए।

आज मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग द्वारा पेश राज्य बजट में राजस्व व्यय के लिए 11,733 करोड़ रुपये और ऋण एवं अग्रिम को छोडक़र पूंजीगत व्यय के लिए 5,896 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए 2,460 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का वित्तपोषण राज्य के अपने राजस्व, केंद्र सरकार से प्राप्त हस्तांतरण और विवेकपूर्ण उधारी के माध्यम से किया जाएगा। बजट में सुशासन, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है।

मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में सिक्किम का सकल राज्य घरेलू उत्पाद वर्तमान मूल्यों पर 62,973 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। पिछले आठ वर्षों में राज्य ने औसतन 12.6 प्रतिशत से अधिक की वास्तविक आर्थिक विकास दर दर्ज की है। उन्होंने दावा किया कि सिक्किम का प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद देश में सर्वाधिक है। राज्य ने मानव विकास, गरीबी उन्मूलन और पारिवारिक आय में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार ने ‘विकसित सिक्किम-2047’ के लक्ष्य के तहत औसतन 13 प्रतिशत से अधिक वार्षिक आर्थिक विकास दर बनाए रखने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए रणनीतिक निवेश, बेहतर प्रशासन और नागरिक केंद्रित विकास कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा।

बजट में सिक्किम सरकार ने कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई ब्याज सहायता योजना की घोषणा की है। योजना के तहत किसान क्रेडिट कार्ड के फसल ऋण का समय पर भुगतान करने वाले पात्र किसानों को प्रभावी रूप से एक प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे छोटे और सीमांत किसानों को संस्थागत ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी तथा खेती की लागत कम होगी। वहीं, सरकार ने बड़ी इलायची की खेती को पुनर्जीवित करने के लिए ‘मेरो अलैंची, मेरो धन’ मिशन को आगे बढ़ाने की घोषणा की। इसके तहत वैज्ञानिक अनुसंधान, रोग प्रतिरोधी किस्मों का विकास और किसानों के लिए फील्ड प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्यव्यापी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत 30 से 65 वर्ष आयु वर्ग की लगभग डेढ़ लाख महिलाओं की जांच की जाएगी। अभियान का उद्देश्य गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की समय पर पहचान और रोकथाम करना है। चालू वित्तीय वर्ष में एसटीएनएम अस्पताल में सिक्किम का पहला रीनल ट्रांसप्लांट कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इससे किडनी प्रत्यारोपण के लिए मरीजों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बजट में एसटीएनएम अस्पताल में सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की गई है। सरकार का कहना है कि यह केंद्र राज्य में घटती प्रजनन दर से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहायक होगा। सोचाकगांग में स्थापित होने वाले सिक्किम सरकारी मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रतिवर्ष 100 एमबीबीएस विद्यार्थियों का प्रवेश शुरू किया जाएगा।

बजट में बताया गया कि राज्य में संपर्क व्यवस्था मजबूत करने के लिए लगभग 570 किलोमीटर सडक़ों का मैस्टिक एस्फाल्ट सरफेसिंग तकनीक से उन्नयन किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 546 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सड़कों की मजबूती बढ़ेगी, हर मौसम में संपर्क व्यवस्था बेहतर होगी और रखरखाव की लागत कम होगी। जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए जलवायु-सहिष्णु सडक़ आधारभूत संरचना के विकास पर भी जोर दिया गया है।

वहीं, सिक्किम इंस्पायर्स कार्यक्रम के माध्यम से तीन लाख से अधिक महिलाओं और युवाओं को कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और आर्थिक अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के तहत पर्यटन, साहसिक खेल, रचनात्मक उद्योग और अन्य उभरते क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। नर्सिंग पेशेवरों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी प्रशिक्षण और सहायता दी जाएगी।

महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत आमा दीदी बहिनी पिंक बस सेवा को आगे बढ़ाया जाएगा। स्वयं सहायता समूहों के योगदान को सम्मानित करने के लिए एसएचजी भरोसा सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।

इसके अलावा, बिजली क्षेत्र में एशियाई विकास बैंक की सहायता से सिक्किम विद्युत क्षेत्र विकास परियोजना और संशोधित वितरण क्षेत्र योजना लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 92 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। बिजली आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक, विश्वसनीय और जलवायु-सहिष्णु बनाने के लिए आगे भी निवेश जारी रहेगा। बजट में गंगटोक के आसपास उपनगर बनाए जाने की घोषणा भी की गई। बताया गया कि सिक्किम समेकित शहरी विकास परियोजना के तहत गंगटोक के आसपास उपग्रह नगर विकसित किए जाएंगे। राजधानी के पुराने और ऐतिहासिक क्षेत्र के पुनरुद्धार की भी योजना है।

सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ई-सैंक्शन, ई-बजट, ई-पेमेंट, ई-रिसिप्ट और ई-वाउचर व्यवस्था लागू की जाएगी। सरकारी लाभ के भुगतान में आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली का विस्तार होगा। वहीं, मार्ताम लैंडफिल को बायोमाइनिंग और वैज्ञानिक कचरा प्रसंस्करण तकनीक के माध्यम से आधुनिक समेकित कचरा प्रबंधन केंद्र में बदला जाएगा। राज्य में कला-संस्कृति के संरक्षण पर जोर देते हुए बजट में सरकार द्वारा सिक्किम कला, संस्कृति एवं विरासत विकास बोर्ड, सिक्किम अकादमी और नामग्याल इंस्टीट्यूट ऑफ तिब्बतोलॉजी को सहयोग जारी रखने की घोषणा भी की गई। पारंपरिक लेप्चा ‘रु-सोम’ बेंत पुल के संरक्षण और उसे भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दिलाने के प्रयास भी जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 12 वंचित स्वदेशी समुदायों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की मांग केंद्र के समक्ष लगातार उठाती रहेगी। संविधान के अनुच्छेद 371-एफ के तहत लिम्बू और तमांग समुदायों के लिए विधानसभा सीटों के आरक्षण, 17वें करमापा की सिक्किम वापसी तथा भूटिया, लेप्चा और लिम्बू भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ये मुद्दे सिक्किम के लोगों की वैध आकांक्षाओं, विशिष्ट संवैधानिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े हैं।

इससे पहले, राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने अपने अभिभाषण में सिक्किम वासियों को राज्य का दर्जा मिलने के 50 साल पूरे होने पर बधाई दी और स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के दौरों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सिक्किम का पूर्ण साक्षर राज्य घोषित होना, सिक्किम पुलिस को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ सम्मान मिलना, ‘आमा दीदी बहिनी पिंक बस सेवा’ की शुरुआत और भारत की पहली पेपरलेस न्यायपालिका के रूप में मान्यता मिलने जैसी प्रमुख उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को इन उपलब्धियों और सिक्किम के समग्र विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के लिए बधाई भी दी।

बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा में छह विधेयक प्रस्तुत किए गए। इनमें सिक्किम मेडिकल काउंसिल फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन विधेयक; सिक्किम निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं विनियमन संशोधन विधेयक; बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड स्किल एजुकेशन सिक्किम संशोधन विधेयक; बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड वोकेशनल एजुकेशन सिक्किम विधेयक; नेशनल काउंसिल फॉर स्किल एजुकेशन सिक्किम निरसन विधेयक और सिक्किम अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा संशोधन विधेयक शामिल रहे। इनमें से दो विधेयक मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने स्वयं पेश किए। पहला विधेयक पेश करते हुए आयुष मंत्री जीटी ढुंगेल ने सिक्किम मेडिकल काउंसिल फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन विधेयक के माध्यम से आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सकों के पंजीकरण, व्यावसायिक आचरण और संस्थानों के नियमन के लिए राज्य परिषद स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस विधेयक पर 21 जुलाई को चर्चा होगी।

वहीं, शिक्षा मंत्री राजू बस्‍नेत ने सिक्किम निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं विनियमन संशोधन विधेयक पेश किया। इसके तहत नामची जिले के मल्ली में स्कॉलर्स यूनिवर्सिटी ऑफ स्किल्स एंड इनोवेशन की स्थापना का प्रस्ताव है। शिक्षा मंत्री ने बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड स्किल एजुकेशन सिक्किम संशोधन विधेयक भी पेश किया। विधेयक का उद्देश्य बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता, सरकारी निगरानी, परीक्षा की विश्वसनीयता और जवाबदेही बढ़ाना है। इसमें परीक्षा पेन-पेपर पद्धति से कराने, एपीएएआर पहचान से प्रवेश और एंडोमेंट फंड स्थापित करने का प्रावधान है। दोनों विधेयकों पर 22 जुलाई को चर्चा होगी।

इसके अतिरिक्त बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड वोकेशनल एजुकेशन सिक्किम विधेयक, 2026 पेश किया गया। इसका उद्देश्य माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, व्यावसायिक और कौशल शिक्षा से वंचित बच्चों एवं वयस्क विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस पर 23 जुलाई को चर्चा होगी।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कौशल विकास मंत्री के रूप में नेशनल काउंसिल फॉर स्किल एजुकेशन सिक्किम निरसन विधेयक और गृह विभाग के प्रभारी मंत्री के रूप में सिक्किम अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा संशोधन विधेयक पेश किया। नेशनल काउंसिल फॉर स्किल एजुकेशन सिक्किम निरसन विधेयक में सरकार ने राष्ट्रीय नियामक संस्थाओं से संभावित प्रशासनिक टकराव और कानूनी जटिलताओं के कारण 2023 के संबंधित अधिनियम को निरस्त करने का प्रस्ताव रखा है। इस पर 21 जुलाई को चर्चा होगी।

वहीं, सिक्किम अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा संशोधन विधेयक में कारोबार में सुगमता की नीति के तहत छोटे नियामक अपराधों में कारावास के प्रावधान हटाने, अनुपालन प्रक्रिया सरल बनाने और अग्नि सुरक्षा मानकों को स्पष्ट करने का प्रस्ताव है। इस विधेयक पर 22 जुलाई को चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ने बजट को वित्तीय अनुशासन, समावेशी विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कल्याण पर आधारित बताते हुए कहा कि यह एक मजबूत, आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित सिक्किम के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगा।

 

बजट सुनहरे सिक्किम के निर्माण का रोडमैप : राज्‍यपाल

बजट को ‘सुनहरे, समृद्ध और समर्थ सिक्किम’ के निर्माण की दिशा में सरकार का रोडमैप बताते हुए राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने उत्पादक क्षेत्रों को मजबूत करने, आधारभूत संरचना एवं संपर्क व्यवस्था में सुधार, मानव संसाधन में निवेश, पर्यावरण अनुकूल विकास और योजनाबद्ध शहरीकरण को सरकार की पांच प्रमुख प्राथमिकताएं बताया। राज्यपाल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में सिक्किम की आत्महत्या दर में गिरावट आई है। उन्होंने इसका श्रेय मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, जागरुकता अभियानों और आत्महत्या रोकथाम कार्यक्रमों को दिया। सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और व्यापक बनाने तथा युवाओं और संवेदनशील वर्गों तक परामर्श एवं सहायता पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद मुख्यमंत्री ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया, जिसका मंत्री अरुण कुमार उप्रेती ने समर्थन किया। राज्यपाल के अभिभाषण पर 21 जुलाई को चर्चा होगी।

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