वास्तविक नेतृत्व नि:स्वार्थ सेवा की भावना पर आधारित होता है : मंत्री राजू बस्नेत

गंगटोक : पूर्वोत्तर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) महोत्सव-2026 का शुक्रवार को गंगटोक स्थित एससी भवन में भव्य शुभारंभ हुआ। सिक्किम सरकार के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री राजू बस्‍नेत ने उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए पांच दिवसीय महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया।

समारोह में खेल एवं युवा मामलों के विभागीय सलाहकार बिक्रम प्रधान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ, राज्य खेल विकास बोर्ड अध्यक्ष रिनजिंग छोपेल, राज्य युवा विकास बोर्ड अध्यक्ष बसंत योंजन, खेल एवं युवा मामलों की सचिव यांगचेन डी तमांग, एनएसएस पूर्वोत्तर क्षेत्र गुवाहाटी के क्षेत्रीय निदेशक डी कार्थिगुएन, ‘माई भारत’ के राज्य निदेशक अतुर रहमान, विभाग की प्रधान मुख्य अभियंता मिलन प्रधान और एनएसएस गुवाहाटी के युवा अधिकारी एनसी देवरी सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

सिक्किम सरकार के खेल एवं युवा मामलों के विभाग द्वारा केंद्रीय खेल मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव को संबोधित करते हुए मंत्री राजू बस्‍नेत ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकों, संवेदनशील नेतृत्वकर्ताओं और समर्पित राष्ट्र निर्माताओं को तैयार करने वाला आंदोलन है। उन्होंने एनएसएस के आदर्श वाक्य ‘मैं नहीं, बल्कि आप’ का उल्लेख करते हुए कहा कि वास्तविक नेतृत्व नि:स्वार्थ सेवा की भावना पर आधारित होता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति युवाओं की प्रतिबद्धता, समर्पण और सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। युवा शक्ति यदि समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास में अपनी ऊर्जा लगाए, तो देश तेजी से प्रगति कर सकता है।

मंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसे ‘अष्टलक्ष्मी’ के रूप में पहचान मिली है। यहां अलग-अलग भाषाएं, परंपराएं, त्योहार, संगीत और जीवनशैलियां हैं, लेकिन सभी लोगों को शांतिपूर्ण, प्रगतिशील, समावेशी और विकसित भारत की साझा आकांक्षा एक सूत्र में बांधती है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर एनएसएस महोत्सव जैसे आयोजन विभिन्न पृष्ठभूमि से आए युवाओं के बीच मित्रता, आपसी समझ और सद्भाव को मजबूत करते हैं।

वहीं, सिक्किम में महोत्सव के आयोजन की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य का स्वच्छ प्राकृतिक वातावरण, जीवंत सांस्कृतिक विरासत और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता प्रगति तथा पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच संतुलन का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करती है। उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों से स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरुकता, स्वास्थ्य एवं कल्याण, डिजिटल साक्षरता और सामुदायिक विकास से जुड़ी गतिविधियों में लगातार योगदान देने का आह्वान किया।

अंत में मंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की महानता केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि दूसरों के प्रति की गई सेवा से भी मापी जाती है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से एनएसएस के आदर्श वाक्य ‘मैं नहीं, बल्कि आप’ को जीवन में अपनाने की अपील की। इसके साथ, एनएसएस पूर्वोत्तर क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक डी कार्थिगुएन ने कहा कि यह महोत्सव प्रतिभा, रचनात्मकता, टीम भावना, संस्कृति और स्वयंसेवा की भावना का उत्सव है। उन्होंने प्रतिभागियों से एक-दूसरे से संवाद करने, अनुभव साझा करने और सीख तथा मित्रता की यादें अपने साथ ले जाने का आग्रह किया।

आज के उद्घाटन समारोह में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से आठों पूर्वोत्तर राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और विविधता की आकर्षक झलक देखने को मिली। इससे पहले, एनएसएस सिक्किम की राज्य नोडल अधिकारी ललिता छेत्री ने स्वागत भाषण देते हुए पांच दिवसीय महोत्सव की गतिविधियों और उद्देश्यों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।

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