नई दिल्ली । राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के छह सांसदों ने मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया है। भाजपा सांसदों का आरोप है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री के बारे में सदन में ‘अपमानजनक’ और ‘असम्मानजनक’ टिप्पणी की, जिससे सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन हुआ है। इसी आधार पर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दाखिल किया गया।
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इस नोटिस पर संज्ञान लेते हुए इसे आगे की जांच और परीक्षण के लिए विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है। समिति मामले की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सभापति को सौंपेगी। अब विशेषाधिकार समिति यह तय करेगी कि मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी संसदीय विशेषाधिकारों का उल्लंघन करती है या नहीं। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटनाक्रम से संसद के मानसून सत्र से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
यह नोटिस भाजपा के छह राज्यसभा सांसदों; बृज लाल, मिथलेश कुमार, सुमित्रा बाल्मिक, शिवेश कुमार, सिकंदर कुमार और नागेंद्र राय; ने संयुक्त रूप से दिया है। सांसदों का कहना है कि खड़गे लगातार प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक और असम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो संसद की मर्यादा के खिलाफ है।
यह नोटिस राज्यसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 188 के तहत दायर किया गया है। इसके बाद सभापति ने नियम 203 के तहत मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया। अब विशेषाधिकार समिति इस मामले की जांच करेगी, संबंधित तथ्यों का अध्ययन करेगी और अपनी रिपोर्ट राज्यसभा को सौंपेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष हैं। समिति में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, दीपक प्रकाश, सुमेर सिंह सोलंकी, सुरेंद्र सिंह नगर, मनन कुमार मिश्रा तथा निर्दलीय सांसद कार्तिकेय शर्मा सदस्य हैं।
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