गंगटोक के 7वें माइल क्षेत्र में भू-स्खलन का खतरा बढ़ा, संयुक्त निरीक्षण में कई मकान असुरक्षित घोषित

गंगटोक : गंगटोक जिले के जेएन रोड स्थित 7वें माइल क्षेत्र में लगातार हो रहे भू-स्खलन और सड़क की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को दूसरा संयुक्त निरीक्षण किया। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) सिसुम वांगचुक भूटिया के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर मौजूदा हालात का जायजा लिया और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की।

निरीक्षण दल में काबी-लुंगचोक विधानसभा क्षेत्र के विधायक के ओएसडी, क्यौंगनोसला ग्राम पंचायत इकाई के जिला पंचायत एवं पंचायत प्रतिनिधि, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), धार्मिक मामलों के विभाग, भवन एवं आवास विभाग, श्रम विभाग, वन विभाग, खान एवं भूविज्ञान विभाग, पुलिस तथा जीआरईएफ के अधिकारी शामिल थे।

बैठक की शुरुआत में डीडीएमए के संयुक्त निदेशक ने पिछले निरीक्षण के निष्कर्षों की जानकारी देते हुए बताया कि लगातार भूमि धंसने के कारण सड़क और आसपास की पहाड़ियों की स्थिति पहले से अधिक खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ विस्तृत क्षति आकलन कर आवश्यक कदम उठाने होंगे।

अधिकारियों ने बताया कि श्रम विभाग के एक भवन को अस्थायी राहत शिविर में परिवर्तित किया गया है, जहां अब तक पांच प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर ठहराया गया है।

निरीक्षण के दौरान एडीएम सिसुम वांगचुक भूटिया ने संबंधित विभागों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जीआरईएफ को बह चुकी सड़क की तत्काल मरम्मत शुरू करने तथा रिसाव वाले पानी की निकासी की व्यवस्था करने को कहा। भवन एवं आवास विभाग को प्रभावित मठ, मंदिर और आवासीय भवनों की विस्तृत संरचनात्मक जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए।

वहीं खान, खनिज एवं भूविज्ञान विभाग को लगातार हो रहे भू-स्खलन के कारण बनने वाले जल स्रोतों की पहचान करने तथा क्षेत्र की भू-स्थिरता का वैज्ञानिक अध्ययन करने को कहा गया। सभी संबंधित विभागों को अपनी-अपनी विस्तृत आकलन रिपोर्ट सोमवार तक जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), गंगटोक को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक के बाद संयुक्त निरीक्षण दल ने प्रभावित सड़क और आसपास के आवासीय क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि लगातार भूमि खिसकने से कई मकानों को पहले की तुलना में अधिक नुकसान पहुंचा है। कई भवनों के नीचे और आसपास की जमीन बड़े पैमाने पर धंस चुकी है, जिससे उनकी नींव कमजोर हो गई है।

निरीक्षण दल ने पूरे क्षेत्र को अत्यधिक अस्थिर और रहने के लिए असुरक्षित घोषित करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने कहा कि सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर राहत, पुनर्वास और स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं तथा क्षेत्र की स्थिति की लगातार निगरानी की जाएगी।

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