गंगटोक : इस गर्मी में सिक्किम में पर्यटकों की संख्या में तेज़ बढ़ोतरी देखी जा रही है। देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए हजारों पर्यटक राज्य की ओर रुख कर रहे हैं। थर्ड माइल चेक पोस्ट के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 24 मई से 28 मई के बीच 5,375 वाहनों में यात्रा कर रहे 16,749 पर्यटक इस जांच चौकी से होकर गुजरे। यह चेक पोस्ट नाथुला क्षेत्र के लिए परमिट जारी करता है, जो एक प्रतिबंधित इलाका होने के साथ-साथ सिक्किम के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है।
ये आंकड़े पूर्वी सिक्किम में नाथुला, छांगू झील और अन्य ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों की ओर भारी पर्यटक आवाजाही को दर्शाते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 24 मई को सबसे अधिक पर्यटक आवाजाही दर्ज की गई। उस दिन 1,990 वाहनों में 6,591 पर्यटक पहुंचे। इनमें 2,911 घरेलू पुरुष पर्यटक, 2,592 महिला पर्यटक, 1,031 बच्चे और 57 विदेशी पर्यटक शामिल थे।
25 मई को 917 पर्यटक वाहनों में 2,772 पर्यटक दर्ज किए गए, जबकि 26 मई को 945 वाहनों में 2,987 पर्यटक पहुंचे। 28 मई को फिर से पर्यटकों की संख्या में उछाल देखा गया, जब 1,523 वाहनों में 4,399 पर्यटक चेक पोस्ट से होकर गुजरे। कुल मिलाकर, पांच दिनों के आंकड़ों में 7,836 घरेलू पुरुष पर्यटक, 6,368 महिला पर्यटक और 2,401 बच्चे शामिल थे। वहीं विदेशी पर्यटकों में 57 पुरुष, 80 महिलाएं और सात बच्चे दर्ज किए गए।
नाथुला, लिंगताम पुलिस पोस्ट और रंगेली परमिट सेल के अलग-अलग रिकॉर्ड भी पूर्वी सिक्किम के पर्यटन स्थलों की ओर लगातार पर्यटक आवाजाही का संकेत देते हैं। दो रिपोर्टिंग दिनों में नाथुला के परमिट 618 के पार पहुंच गए, जबकि ऑनलाइन परमिट जारी करने की संख्या प्रतिदिन 2,500 से अधिक बनी रही।
पर्यटकों ने बताया कि मैदानी इलाकों में बढ़ते तापमान के कारण कई परिवार गर्मी की छुट्टियों में पहाड़ी क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। बोध गया के पर्यटक विपिन कुमार ने कहा कि वह भीषण गर्मी से बचने के लिए अपने परिवार के साथ फिर से सिक्किम आए हैं।
उन्होंने कहा, हमारे यहां तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। स्कूलों में छुट्टियां चल रही हैं, इसलिए हमने यहां आकर मौसम का आनंद लेने का फैसला किया। यहां का मौसम बेहद सुहावना है और लोग भी बहुत स्वागत करने वाले हैं। कुमार ने कहा कि पिछली यात्राओं की तुलना में इस बार पर्यटकों की संख्या काफी अधिक दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। भीड़ के कारण होटल मिलना भी मुश्किल हो गया है।
महाराष्ट्र की पर्यटक नेहा चौहान ने बताया कि सोशल मीडिया पर देखे गए वीडियो ने उनके परिवार को सिक्किम आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, हमारे इलाके में तापमान करीब 45 डिग्री सेल्सियस है, जबकि यहां का मौसम बेहद ठंडा और सुहावना है। हमने इन जगहों के वीडियो ऑनलाइन देखे थे और खुद इसका अनुभव करना चाहते थे। नेहा ने बताया कि भीड़ की आशंका को देखते हुए उनके परिवार ने पहले से ही होटल बुकिंग और यात्रा की व्यवस्था कर ली थी।
एक अन्य पर्यटक विमल सिंह चरण ने कहा कि बदलते मौसम और भूस्खलन के कारण उनके समूह को अपनी यात्रा योजना बदलनी पड़ी। उन्होंने कहा, हमने शुरुआत में उत्तरी सिक्किम जाने की योजना बनाई थी, लेकिन भूस्खलन और मौसम संबंधी बाधाओं के कारण कुछ पर्यटन स्थल बंद थे। जब नाथुला दोबारा खुला, तो हमने अपनी योजना बदलकर यहां आने का फैसला किया।
चरण ने पर्यटन सीजन के दौरान आने वाली समस्याओं का भी जिक्र किया, जिनमें ठहरने की कमी, होटलों के बढ़े हुए किराए और परिवहन संबंधी दिक्कतें शामिल हैं।
उन्होंने कहा, भीड़ के कारण योजना बदलने पर हमें अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा। वाहन व्यवस्था में भी कुछ समस्याएं आईं, लेकिन आखिरकार परिवार खुश है कि हम नाथुला घूमने आ सके। भारी भीड़ के बावजूद पर्यटकों ने सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता और सुहावने मौसम की जमकर सराहना की। चरण ने पर्यटकों से जिम्मेदारी के साथ यात्रा करने की अपील भी की। उन्होंने कहा, लोगों को प्रकृति का आनंद जिम्मेदारी से लेना चाहिए, कूड़ा-कचरा फैलाने से बचना चाहिए और जहां भी जाएं, पर्यावरण का सम्मान करना चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा पर्यटन सीजन के कारण पूर्वी सिक्किम के प्रमुख पर्यटन मार्गों, खासकर नाथुला और छांगू झील जाने वाले रास्तों पर वाहनों की आवाजाही काफी बढ़ गई है।
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