गंगटोक : सिक्किम में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का कार्य निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ रहा है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज यादव ने मंगलवार को बताया कि राज्यभर में गणना प्रपत्रों का वितरण शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है, जबकि 88.13 प्रतिशत मतदाताओं के रिकॉर्ड एकत्रित, सत्यापित और डिजिटाइज किए जा चुके हैं।
सीईओ ने बताया कि विगत 28 मई से शुरू हुए इस अभियान में अब तक राज्यभर में कुल 469512 गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं। इनमें से 415116 प्रपत्रों को एकत्र कर सत्यापन और डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 28 जून तय की गई है। जो मतदाता निर्धारित समय सीमा तक अपना गणना प्रपत्र जमा नहीं करेंगे, उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची 5 जुलाई को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद यह सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और मीडिया के साथ साझा की जाएगी तथा दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी।
जिलावार आंकड़ों के अनुसार, लंबित गणना प्रपत्रों की सबसे अधिक संख्या गंगटोक जिले में है, जहां 17118 प्रपत्र अभी जमा होने बाकी हैं। इसके बाद पाकिम में 6045, नामची में 4248, सोरेंग में 1853, मंगन में 544 और गेजिंग में 450 प्रपत्र लंबित हैं। हालांकि, इन लंबित मामलों के बावजूद निर्वाचन विभाग ने सभी छह जिलों को “ऑन ट्रैक” श्रेणी में रखा है। बताया गया है कि पिछले 24 घंटों में नामची जिले ने 1803 के दैनिक लक्ष्य के मुकाबले 9283 प्रपत्रों को डिजिटाइज किया। गंगटोक ने 3816 के लक्ष्य के मुकाबले 6760, पाकिम ने 1755 के लक्ष्य के मुकाबले 5645, सोरेंग ने 649 के लक्ष्य के मुकाबले 2328, गेजिंग ने 514 के लक्ष्य के मुकाबले 3598 और मंगन ने 257 के लक्ष्य के मुकाबले 1521 प्रपत्रों को डिजिटाइज किया।
हालांकि, निर्वाचन आयोग की ओर से जारी विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों में सत्यापन की गति में अंतर दिखाई दे रहा है। शहरी विधानसभा क्षेत्रों में सत्यापन दर राज्य औसत से कम है। इसका मुख्य कारण शहरी क्षेत्रों में फ्लोटिंग पॉपुलेशन और कई मतदाताओं का घर-घर सत्यापन के दौरान उपलब्ध नहीं होना बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 जून तक आरिथांग विधानसभा क्षेत्र में राज्य की सबसे कम सत्यापन दर 64.07 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके बाद गंगटोक में 62.98 प्रतिशत, खामदोंग-सिंगताम में 72.19 प्रतिशत, नामची-सिंघीथांग में 83.51 प्रतिशत और वेस्ट पेंडम में 79.64 प्रतिशत सत्यापन हुआ है। वहीं, अपर तादोंग में सत्यापन दर 70.92 प्रतिशत रही, जबकि यांगथांग में यह 89.65 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
सीईओ राज यादव ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में कई लोग घर-घर सत्यापन के दौरान उपलब्ध नहीं मिल रहे हैं। इसके अलावा, बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर सिक्किम में काम कर रहे हैं, लेकिन उनका मतदाता पंजीकरण अब भी उनके गृह राज्यों में है। उन्होंने कहा कि एक मतदाता केवल एक ही स्थान पर पंजीकृत हो सकता है, इसलिए कई लोग सिक्किम में पंजीकरण का विकल्प नहीं चुन रहे हैं। दूसरी ओर, ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में पुनरीक्षण अभियान को बेहतर समर्थन मिल रहा है। मानेबोंग-देंताम, रिनचेनपोंग और रांगांग-यांगांग में गणना प्रपत्रों का शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है। दरमदिन में 91.36 प्रतिशत, जोंगू में 92.09 प्रतिशत और दूरस्थ क्षेत्र होने के बावजूद लाचेन-मंगन में 88.48 प्रतिशत सत्यापन दर्ज किया गया है।
राज यादव ने बताया कि अब तक 25644 मतदाताओं के गणना प्रपत्र संग्रहित नहीं किए जा सके हैं। यह कुल मतदाताओं का 5.44 प्रतिशत है। ऐसे मतदाताओं को असंग्रहणीय श्रेणी में रखा गया है और उचित सत्यापन के बाद उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि ये आंकड़े बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा किए गए फील्ड सत्यापन, परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों से बातचीत के आधार पर तैयार किए गए हैं। शेष लंबित प्रपत्रों के सत्यापन के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं के नाम हटाने का प्रस्ताव किया जाएगा, उन्हें दावा और आपत्ति अवधि के दौरान अपनी पात्रता साबित करने का अवसर मिलेगा। यदि कोई वास्तविक मतदाता पुनरीक्षण अवधि में दस्तावेज जमा नहीं कर पाया है, तो वह दावा-आपत्ति चरण में फॉर्म-6 और आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकता है। सत्यापन के बाद उसका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे 28 जून की अंतिम तिथि से पहले अपने गणना प्रपत्र अवश्य जमा करें। मतदाता बीएलओ के माध्यम से घर-घर प्रक्रिया के अलावा निर्वाचन आयोग के वोटर सर्विस पोर्टल पर ऑनलाइन भी अपना प्रपत्र जमा कर सकते हैं।
चुनाव अधिकारियों के रूप में किसी गलत व्यक्ति के आने की खबरों पर राज यादव ने कहा कि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन विभाग पहले ही लोगों को सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की सलाह जारी कर चुका है।
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