गंगटोक : ज्ञान भारतम मिशन के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य संस्कृति विभाग द्वारा शिक्षा एवं धार्मिक विभाग के सहयोग से आज सिक्किम स्टेट आर्काइव्स में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में सिक्किम के सभी जिलों से भाषा शिक्षकों तथा धार्मि विभाग के मोनेस्ट्री और संस्कृत शिक्षकों सहित कुल 69 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण और ज्ञान भारतम मिशन के पांच प्रमुख स्तंभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
संस्कृति विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो बैचों में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पांडुलिपियों की परिभाषा, उनकी पहचान, चल रहे पांडुलिपि सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को संस्थागत भंडारों, धार्मिक और पारंपरिक संस्थानों तथा निजी संरक्षकों के पास मौजूद पांडुलिपियों के सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों को जीबीएम मोबाइल ऐप के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण का कार्य डिजिटल माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित संस्कृति विभाग के निदेशक एलएन नेपाल ने कहा कि देश की समृद्ध पांडुलिपि विरासत के संरक्षण और दस्तावेजीकरण में ज्ञान भारतम मिशन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान, धार्मिक विभाग के संयुक्त निदेशक छिरिंग थेंदुप भूटिया, उप निदेशक केसी भूटिया, अनुसंधान अधिकारी डॉ हिस्से वांगचुक और क्लस्टर सेंटर के समन्वयक कर्मा शेरब भूटिया भी मौजूद रहे।
इस अवर पर सहायक निरीक्षक कालदेन ग्याछो भूटिया ने ज्ञान भारतम मिशन के सामान्य परिचय और उद्देश्यों पर प्रस्तुति दी। वहीं, वरिष्ठ संरक्षण अधिकारी और जीबीएम के राज्य नोडल अधिकारी एलएन शर्मा ने मिशन के तकनीकी पहलुओं, सर्वेक्षण पद्धति, दस्तावेजीकरण प्रक्रिया और पांडुलिपियों की पहचान व संरक्षण में डिजिटल उपकरणों के उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में एक संवादात्मक सत्र भी हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने सवाल पूछे और सर्वेक्षण प्रक्रिया से जुड़ी जानकारियों को और स्पष्ट किया। उल्लेखनीय है कि इस पहल से राज्यभर में पांडुलिपि संसाधनों की पहचान, दस्तावेजीकरण और संरक्षण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
No Comments: