पाकिम : जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा मंगलवार को रर्बन कम्युनिटी कॉम्प्लेक्स में मानसून पूर्व तैयारी को लेकर समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पाकिम के डीसी परी विश्नोई ने की। बैठक में एसएसपी पारू रुचाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त राजनीतिक सचिव विशाल शर्मा, एडीसी (मुख्यालय) सबिंद्र राई, एडीसी (विकास) सांगे ग्याछो भूटिया सहित पाकिम, रंगपो और रंगली के एसडीएम उपस्थित थे।
बैठक में जिले में मानसून से उत्पन्न संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न विभागों एवं केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा की गई। डीसी परी बिश्नोई ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन समय पर तैयारी, समन्वित प्रतिक्रिया और जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से जोखिम को कम कर जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने आगामी सप्ताह को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों और आधारभूत संरचनाओं का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र, नोडल अधिकारियों के बीच सक्रिय समन्वय तथा निर्धारित संचार समूहों के माध्यम से नियमित संपर्क बनाए रखना आवश्यक है।
डीसी Pari Bishnoi ने सभी विभागों को आपातकालीन संचार प्रणाली को सुचारु रखने, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आपदा प्रबंधन कर्मियों को हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मानसून के दौरान जोखिम कम करने में अग्रिम पंक्ति के अधिकारियों और फील्ड कर्मियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
एसएसपी पारू रुचाल ने कहा कि मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली आपात स्थितियों से निपटने के लिए जिला पुलिस पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि सभी सब डिवीजन और पुलिस थानों में पर्याप्त जनशक्ति और समन्वय तंत्र उपलब्ध है। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों में कर्मियों की तैनाती, दुर्घटना संभावित स्थलों पर चेतावनी संकेतक लगाने तथा आम जनता के साथ प्रभावी संचार व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में विभिन्न विभागों और केंद्रीय एजेंसियों ने मानसून संबंधी आपदाओं से निपटने के लिए अपनी तैयारी, प्रतिक्रिया तंत्र और आकस्मिक कार्ययोजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की।
कृषि एवं उद्यान विभाग के अतिरिक्त निदेशक सांगे ग्याछो भूटिया ने विभाग द्वारा की जा रही निगरानी गतिविधियों और कृषि कार्यों पर मानसून के प्रभाव को कम करने के उपायों की जानकारी दी। शिक्षा विभाग के सीईओ नारायण मिश्र ने विद्यालय आपदा तैयारी, संवेदनशील स्कूलों की निगरानी तथा छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग की संयुक्त निदेशक किनचौकला भूटिया ने विभाग की मानसून तैयारी, टीकाकरण व्यवस्था, त्वरित पशु चिकित्सा प्रतिक्रिया टीम और टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1962 की जानकारी दी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सीएमओ मदनमणि ढकाल ने मानसून के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, रोग निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की तैयारियों पर प्रकाश डाला। सड़क एवं पुल विभाग के अधीक्षण अभियंता टीएन अधिकारी ने सड़क संपर्क बनाए रखने और समय पर मरम्मत कार्यों की जानकारी दी। वन एवं पर्यावरण विभाग के डीएफओ (टी) एसपी भूटिया ने बताया कि विभाग की क्यूआरटी को अलर्ट पर रखा गया है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित सहायता के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता किरण शर्मा ने सुरक्षित पेयजल आपूर्ति एवं जल स्रोतों की निगरानी के लिए किए गए उपायों की जानकारी दी।
बैठक में एनडीआरएफ अधिकारियों ने बचाव उपकरणों, प्रशिक्षित कर्मियों और आपातकालीन संचालन क्षमता की जानकारी दी, जबकि एसएसबी अधिकारियों ने संवेदनशील और दूरस्थ क्षेत्रों में सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी पर प्रकाश डाला। एनएचआईडीसीएल, रिनॉक के अधिकारियों ने पीएमयू-रिनॉक के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं, सड़क मरम्मत और आपातकालीन मार्ग बहाली की तैयारियों की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, बीडीओ, एनडीआरएफ, एसएसबी, जीआरईएफ, एनएचआईडीसीएल और आईओसी के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
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