गंगटोक : सिक्किम राज्य गठन की 50वीं वर्षगांठ के वर्षव्यापी समारोह का आज स्थानीय मनन केंद्र में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की गरिमामयी उपस्थिति में समापन हो गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर, मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और श्रीमती कृष्णा राई उपस्थित थे।
इस अवसर पर अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सिक्किम की प्रशंसा करते हुए इसे सद्भाव, स्थिरता और अनुशासित जीवन शैली का एक आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस समारोह में शामिल होकर वे सम्मानित महसूस कर रहे हैं और उन्होंने सिक्किम को न केवल कृषि में, बल्कि अपने चरित्र में भी जैविक रूप से शुद्ध बताया। उन्होंने गंगटोक तक की अपनी सड़क यात्रा के यादगार पलों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ने यह साबित कर दिया है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण किस तरह साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने सिक्किम के रणनीतिक महत्व को देखते हुए इसे राष्ट्र का प्रहरी भी बताया।
राज्य के पर्यटन क्षेत्र और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन पहलों की प्रशंसा करते हुए, उपराष्ट्रपति ने गंगटोक के एमजी मार्ग को स्वच्छता और नागरिक प्रबंधन के मामले में देश के बाकी हिस्सों के लिए एक उदाहरण बताया। उन्होंने राज्य आने वाले पर्यटकों से स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और स्वच्छता मानकों का सम्मान करने का आग्रह किया। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि निरंतर जनभागीदारी और जागरुकता के माध्यम से व्यवहार में आया बदलाव धीरे-धीरे एक सामाजिक आदत बन जाता है। वहीं, उपराष्ट्रपति ने राज्य की बेहतर होती कनेक्टिविटी, जिसमें रेलवे विस्तार और पर्यटन बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं, की भी सराहना की और निकट भविष्य में फिर से सिक्किम आने की उम्मीद जताई।
समारोह में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सिक्किम की विकास यात्रा, जैविक खेती की सफलता और आगामी कनेक्टिविटी परियोजनाओं की प्रशंसा की और राज्य को शांति, गौरव और प्रगति का प्रतीक बताया। उन्होंने कई ऐतिहासिक पर्यटन और बुनियादी ढांचा पहलों की सराहना करते हुए भालेडुंगा रोपवे परियोजना को दुनिया में अद्वितीय बताया। उन्होंने राबांग्ला स्थित बुद्ध पार्क की भी सराहना की और जीएमसी आयुक्त गैडेन चोफेल भूटिया के नेतृत्व में सिक्किम के ऑर्किड संरक्षण प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने बताया कि राज्य के ऑर्किडेरियम को उसकी अनूठी विशेषताओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहचान मिली है।
सिंधिया ने कनेक्टिविटी से जुड़ी पहलों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सिक्किम में इस समय लगभग 710 किलोमीटर की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं चल रही हैं। इस कड़ी में उन्होंने सिंगताम को मल्ली से और मल्ली को सेवक से जोड़ने वाले वैकल्पिक राजमार्ग भी विकसित किए जाने की घोषणा की। साथ ही, पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सिक्किम तक रेल कनेक्टिविटी जल्द ही एक हकीकत बन जाएगी। उन्होंने राज्य में रेल सेवाओं का उद्घाटन अगले एक साल के भीतर होने की उम्मीद जताई। केंद्रीय मंत्री ने कृषि के क्षेत्र में सिक्किम को जैविक खेती के लिए एक वैश्विक मिसाल बताया और कहा कि पूरे राज्य में लगभग 70,000 किसान परिवार जैविक खेती में लगे हुए हैं। उन्होंने जैविक आपूर्ति श्रृंखला और कृषि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तीन नई कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के विकास की भी घोषणा की।
समारोह में राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने भी सिक्किम के लोगों से आह्वान किया कि वे राज्य को स्वच्छ, हरा-भरा, अधिक समृद्ध और देश के लिए एक आदर्श बनाने की दिशा में मिलकर काम करें। उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए राज्यपाल ने देश-विदेश में रहने वाले सभी सिक्किम वासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जैसे ही सिक्किम अपने राज्य के 51वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, राज्य युवा ऊर्जा और विकास के एक नए चरण में कदम रख रहा है। उन्होंने हर नागरिक से गांवों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ, हरा-भरा और अधिक सुंदर बनाने में योगदान देने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने आगे कहा कि केंद्र सरकार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय मिलकर सिक्किम की विकास पहलों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्होंने बुनियादी ढांचे, पर्यटन और कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए निरंतर सहायता का आश्वासन दिया। राज्य में पर्यटन के भविष्य में विकास को लेकर विश्वास जताते हुए, राज्यपाल ने नागरिकों और संबंधित पक्षों से पर्यटकों की आमद में होने वाली भारी बढ़ोतरी के लिए तैयार रहने और आने वाले मेहमानों का गर्मजोशी और मेहमान नवाजी के साथ स्वागत करते रहने का आग्रह किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने सिक्किम की विकास उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और राष्ट्रीय एकता तथा “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण के प्रति सिक्किम की प्रतिबद्धता को दोहराया। मुख्यमंत्री ने सिक्किम के पहले मुख्यमंत्री, काजी लेंडुप दोरजी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सिक्किम में लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और जनकल्याण को मजबूत करने में उनके योगदान को हमेशा गर्व और सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने उपराष्ट्रपति का स्वागत करते हुए राज्य स्थापना दिवस समारोह में उनकी उपस्थिति को सिक्किम के लोगों के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि खराब मौसम की स्थिति के बावजूद, उपराष्ट्रपति अपनी पहली सिक्किम यात्रा के दौरान सडक़ मार्ग से राज्य पहुंचे, जिससे यह अवसर ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण बन गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी स्वागत किया और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने देश के 22वें राज्य के रूप में सिक्किम की यात्रा पर विचार करते हुए कहा कि राज्य ने पिछले पांच दशकों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, और देश के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सिक्किम की प्रगति एकता, अनुशासन, कड़ी मेहनत और जन भागीदारी पर आधारित रही है। “विकसित भारत 2047” के विजन के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि टीम सिक्किम, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में पूरी लगन से काम करती रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न परियोजनाओं का वर्चुअल रूप से विमोचन, शुभारंभ, शिलान्यास और उद्घाटन भी किया गया। इनमें गेजिंग जिले में पूर्वोत्तर विशेष अवसंरचना विकास योजना के तहत रिम्बी-युक्सम सडक़ उन्नयन, एनएच-10 (मेफेयर फाटक) से आईबीपी-आदमपुल-बनझाकरी फॉल्स कॉरिडोर के साथ-साथ सुरक्षा कार्य एवं पुल का निर्माण, असम लिंग्जे-पाकिम सड़क पर रोंगरोंग खोला के ऊपर पुल का निर्माण और यांगांग में एनईएसआईडीएस के तहत रंगपो खोला के ऊपर स्टील पुल निर्माण कार्य का शिलान्यास शामिल हैं। वहीं, उद्घाटन किए गए परियोजनाओं में गंगटोक स्थित बर्तुक हेलीपोर्ट का पुनर्गठन एवं उन्नयन, अपर धप्पार में यात्री रोपवे परियोजना के लिए सहायक सुविधा के रूप में पर्यटन अवसंरचना का विकास, नामची स्थित कामरांग सरकारी डिग्री कॉलेज में विज्ञान ब्लॉक का उद्घाटन एवं अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।
इस अवसर पर सिक्किम विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्रिपरिषद, विधायक, सलाहकार, जीएमसी मेयर, डिप्टी मेयर, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभापति, ओएसडी, पार्षद, कैबिनेट सचिव, मुख्य सचिव समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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