गंगटोक : सिक्किम के 51वें राज्य दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सिक्किम के विकास, युवाओं के सशक्तिकरण, सतत विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर एक व्यापक विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सिक्किम आज शांति, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और समावेशी विकास का राष्ट्रीय मॉडल बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सिक्किम की ऐतिहासिक यात्रा और भारत संघ में विलय के बाद पिछले पांच दशकों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिक्किम यात्रा को राज्य के लिए गर्व और सम्मान का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सिक्किम को ‘पूर्व का स्वर्ग’ बताते हुए राज्य की पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि, स्वच्छता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह सिक्किम की विकास यात्रा की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, जिससे राज्य के बुनियादी ढांचे और भविष्य की विकास योजनाओं को नई मजबूती मिलेगी।
प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि सिक्किम का भविष्य युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार क्षमता पर आधारित है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप, खेल और वैश्विक रोजगार के अवसरों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सिक्किम के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों के साथ मैदान में समय बिताने को प्रेरणादायक क्षण बताते हुए कहा कि यह राज्य के युवाओं की क्षमता और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भाईचुंग भूटिया, तरुणदीप राई, जस लाल प्रधान और संध्या गुरुंग जैसे खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने नई पीढ़ी को प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रही है। पालजोर स्टेडियम, भाईचुंग स्टेडियम और क्योंगसा स्टेडियम का आधुनिकीकरण किया गया है, जबकि नामची में तरुणदीप राई आर्चरी अकादमी और सोरेंग में गर्ल्स स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार “स्वर्ण जयंती स्पोर्ट्स एंड कल्चरल कॉम्प्लेक्स” स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, जिसमें आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम और हाई-परफॉर्मेंस सेंटर विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने हेतु कौशल विकास और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में चार आईटीआई संचालित हैं और दो नए आईटीआई सोरेंग तथा पाकयोंग में स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के तहत 13,500 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 11,000 को रोजगार मिल चुका है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि ‘सिक्किम इंस्पायर्स प्रोग्राम’ के तहत 15,000 युवाओं और महिलाओं को ग्रीन जॉब्स, स्वास्थ्य सेवा, आईटी और क्रिएटिव इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार विदेशी रोजगार अवसरों पर भी ध्यान दे रही है और हाल ही में प्रशिक्षित 13 नर्सों को जर्मनी में रोजगार दिलाया गया है। प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि राज्य सरकार ने एमएसएमई और स्टार्टअप सेक्टर को आर्थिक विकास के केंद्र में रखा है। उन्होंने बताया कि 2019 में जहां राज्य में लगभग 250 एमएसएमई इकाइयां थीं, वहीं 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 35,000 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमशीलता विकास योजना’ और ‘स्किल्ड यूथ स्टार्टअप स्कीम’ के माध्यम से हजारों युवाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिक्किम आज विश्व स्तर पर सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत का पहला पूर्ण जैविक राज्य बनने के बाद सिक्किम ने पर्यावरणीय नीतियों और पारिस्थितिकी संरक्षण में राष्ट्रीय मानक स्थापित किए हैं।
उन्होंने कहा कि कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिला है, जबकि खेचिपेरी झील को रामसर साइट के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “मेरो रुख मेरो सन्तति”, “मेरो बाटो मेरो बोट” और “माई चाइल्ड फ्रॉम वाइल्ड” जैसी जनभागीदारी आधारित पर्यावरणीय योजनाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबके लिए स्वास्थ्य’ मॉडल पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि नामची और मंगन में आधुनिक जिला अस्पताल स्थापित किए गए हैं, जबकि कैंसर और किडनी रोगों के उपचार के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत हजारों मरीजों को राज्य से बाहर इलाज के लिए वित्तीय सहायता दी गई है। वहीं आईवीएफ उपचार के लिए भी महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। शिक्षा क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सिक्किम देश का पहला राज्य है, जहां सभी सरकारी स्कूलों में किंडरगार्टन प्रणाली लागू की गई है। साथ ही स्टेम लैब, योग, माइंडफुलनेस और व्यावसायिक शिक्षा को भी स्कूल पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन सिक्किम की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बना हुआ है। उन्होंने बताया कि भालेढुंगा और पेलिंग में रोपवे परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जबकि ग्लास ब्रिज और स्काईवॉक जैसी परियोजनाएं राज्य को उच्च मूल्य पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी।
उन्होंने कहा कि ‘मेगा होमस्टे योजना’ के तहत राज्यभर में 1,000 होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण रोजगार और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास, सड़क संपर्क, जलापूर्ति और आवास योजनाओं के माध्यम से राज्य के गांवों को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि “सिक्किम गरीब आवास योजना” के तहत हजारों घरों का निर्माण किया गया है।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्यवासियों से ‘सुनौलो, समृद्ध और समर्थ सिक्किम’ के निर्माण में सहभागी बनने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में सिक्किम विकास, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी प्रगति का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरेगा।
No Comments: