वीवीपी-2 के तहत चयनित गांवों के विकास पर मंथन

बैठक में आजीविका, स्वास्थ्य, दूरसंचार और पर्यटन विकास पर हुई विस्तृत चर्चा

गेजिंग । वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम (वीवीपी-2) के कार्यान्वयन और निगरानी को लेकर जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) की बैठक आज गेजिंग जिले के जिला प्रशासनिक केंद्र (डीएसी) के सम्मेलन कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गेजिंग के जिला कलेक्टर तेनजिंग डी. डेन्जोंग्पा ने की। बैठक में एडीसी गेजिंग सह वीवीपी नोडल अधिकारी सुरेश राई, एडीसी (विकास) सुरत कुमार गुरूंग, कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक कर्मा शेरपा, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अतिरिक्त निदेशक बीबी सुब्बा, शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक राजेश थापा, 72वीं बटालियन एसएसबी के कमांडेंट जय प्रकाश, 36वीं बटालियन एसएसबी के प्रतिनिधि, पीएचई विभाग के डीई संदीप खतिवड़ा, मत्स्य विभाग के उपनिदेशक दुचेन लेप्चा, स्वास्थ्य विभाग की डीएनओ (सीपीएचसी/एनटीसीपी) दीपिका गुरूंग, जिला पंचायत के अभियंता तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में गेजिंग जिले के चिन्हित गांवों में वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के प्रभावी कार्यान्वयन और विकासात्मक पहलों को मजबूत करने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के तहत बेघा, मंगमू-देंताम, कर्मातार-गीतांग, मानेबुंग और सोपाखा गांवों को वाइब्रेंट विलेज के रूप में चयनित किया गया है।

पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से एडीसी सह नोडल अधिकारी सुरेश राई ने चिन्हित गांवों के समग्र और सतत विकास के लिए विभिन्न हस्तक्षेप क्षेत्रों पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के तहत सहकारी समितियों और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा सतत आजीविका के अवसर सृजित करने पर जोर दिया गया। बैठक में आजीविका सृजन, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित ग्रामीण आधारभूत संरचना, विद्युतीकरण, टेलीविजन और दूरसंचार संपर्क, पर्यटन, संस्कृति और जनसंपर्क गतिविधियों को प्रमुख फोकस क्षेत्र के रूप में चर्चा में शामिल किया गया।

समिति ने गांवों में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने और विविध एवं टिकाऊ आजीविका के अवसर विकसित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की। इसके अलावा सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा अन्य सामुदायिक संस्थाओं के कौशल विकास और क्षमता निर्माण को गैप-फंडिंग सहायता के माध्यम से मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया। समिति ने वीवीपी-2 के तहत व्यक्तिगत परियोजनाओं के बजाय क्लस्टर और सामुदायिक आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

बुनियादी ढांचे के विकास के तहत दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच और संचार नेटवर्क स्थापित करने के लिए दूरसंचार संपर्क में सुधार पर चर्चा हुई। साथ ही आवास और आधारभूत संरचना विकास के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर में सुधार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने और पहुंच बेहतर बनाने के लिए सड़क और परिवहन अवसंरचना पर भी चर्चा की गई।

बैठक का समापन सभी विभागों और हितधारकों द्वारा आपसी समन्वय के साथ वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के सफल कार्यान्वयन तथा ग्यालशिंग जिले के चिन्हित गांवों के समावेशी और सतत विकास के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए किया गया।

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