मंगन। अपनी स्थापना के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य पर तिंगवोंग गवर्नमेंट सेकेंडरी स्कूल ने आज अपने प्लैटिनम जुबली समारोह की शुरुआत की। सालभर चलने वाले इस समारोह का जंगू विधायक सह वन एवं पर्यावरण मंत्री पिंछो नामग्याल लेप्चा ने औपचारिक उद्घाटन किया। गौरतलब है कि यह स्कूल मंगन जिले में 75 साल पूरे करने वाला पहला शैक्षणिक संस्थान है।
इस अवसर पर मंत्री Pintso Namgyal Lepcha ने स्कूल की इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि इस संस्थान ने 75 वर्ष पूरे कर जंगू और और मंगन जिले का पहला स्कूल बनकर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने जनता और संबंधित अधिकारियों से मिलकर काम करने और पूरे साल प्लैटिनम जुबली समारोह को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने इलाके में शिक्षा की नींव रखने वाले स्वर्गीय रापजोर मोंडल जैसे आगे रहने वालों की विरासत को बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया।
वहीं, सरकारी स्कूलों की अहमियत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि एजुकेशन सिस्टम में काफ़ी सुधार हुआ है और यह बच्चों को अच्छी मदद और मौके दे सकता है। ऐसे में, उन्होंने माता-पिता को अपने बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला कराने की हिम्मत देते हुए कहा कि स्कूलों की तरक्की से वार्ड और पूरे जिले का विकास होगा।
अपने भाषण के दौरान, मंत्री ने जिले में हो रहे अलग-अलग विकास के कामों के बारे में भी लोगों को बताया, जिसमें कायिन ब्रिज का काम भी शामिल है। पंचायत सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए, उन्होंने भरोसा दिलाया कि तिंगवोंग मोनेस्ट्री तक जाने वाली सीढय़िों के लिए भी कोशिशें की जाएंगी।
इससे पहले, मंत्री ने स्कूल की पेड़-पौधों की नर्सरी का दौरा किया, जहां छात्रों ने अलग-अलग स्थानीय और लुप्तप्रायरू प्रजातियों के पौधे लगाए थे।
दौरे के दौरान, सरकारी सेकेंडरी स्कूल तिंगवोंग के एक छात्र ने पौधों को पेश किया और मंत्री पिंछो नामग्याल लेप्चा को उनकी अहमियत समझाई, जिन्होंने स्कूल को बचाने की कोशिशों के लिए और पौधे देकर मदद करने का भरोसा दिया।
इसके अलावा, कार्यक्रम के हिस्से के तौर पर मंत्री ने कूड़ा-करकट और पर्यावरणीय प्रदूषण की रिपोर्ट करने के लिए एक ञ्चयूआर कोड-आधारित कंप्लेंट सिस्टम लॉन्च किया। इसे जोंगू बीडीओ डॉ. महिंद्रा तमांग और पासिंगडांग बीएसी के अधिकारियों और स्टाफ ने बनाया है।
इससे पहले, मंगन के मुक्य शिक्षा अधिकारी डेविड ग्यामत्सो लिंगदोंग ने स्कूल के कई पुराने विद्यार्थियों की कामयाबियों के बारे में बताया और उनकी कई पीढिय़ों को पढ़ाने में उनके योगदान के लिए संस्थान की तारीफ की। वहीं, पारंपरिक तरीके से कार्यक्रम की शुरुआत के बाद मंत्री ने स्कूल म्यूजियम का दौरा किया। वहीं, अपने स्वागत भाषण में स्कूल के प्रधान शिक्षक पासंग भूटिया ने दशकों से संस्थान के इतिहास और सफर के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि गवर्नमेंट सेकेंडरी स्कूल तिंगवोंग की शुरुआत 1950 के दशक की शुरुआत से हुई, जब स्वर्गीय रापजोर मोंडल ने एक नाइट स्कूल के जरिए गांव में शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल की थी। 1951 में, इस संस्था को आधिकारिक तौर पर प्राइमरी स्कूल के तौर पर पहचान मिली। बाद में इसे 1976 में जूनियर हाई स्कूल और उसके बाद 1984 में हायर सेकेंडरी स्कूल में अपग्रेड किया गया।
इस कार्यक्रम में मांगशिला जिला पंचायत अमृता लिम्बू, खाद्य व नागरिक आपूर्ति ओएसडी ताशी थेंडुप लेप्चा, जंगू एसडीएम गिदोन लेप्चा, मंगन सीईओ डेविड लिंगदोंग, जंगू बीडीओ डॉ. महिंद्रा तमांग, तिंगवोंग जीपीयू के जिला एवं पंचायत सदस्य, डिप्टी एजुकेशन डायरेक्टर पिंछो लेप्चा, थिन्ले नामग्याल लेप्चा और तोप्देन लेप्चा शामिल हुए।
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