पटना । पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा छोड़ चुके सेवानिवृत आईएएस अधिकारी आर. के. सिंह (राज कुमार) ने अपनी नई पार्टी बनाने का एलान किया है। भाजपा छोड़ने के करीब पांच महीने बाद उनकी पार्टी राष्ट्रीय और जनहित के मुद्दों पर काम करेगी। इस पार्टी में ‘ईमानदार, शिक्षित और जातिवाद से मुक्त’ लोगों को जोड़ा जाएगा। उनका मुख्य फोकस बिहार की राजनीति पर रहेगा।
आर.के. सिंह ने कहा कि जदयू नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूसरे कार्यकाल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उस दौरान 99 प्रतिशत मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त थे। इतना ही नहीं उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी छवि अच्छी नहीं है और उनमें ईमानदारी व स्पष्ट दृष्टि की कमी है। आरके सिंह ने दावा किया कि वह राज्य का बेहतर नेतृत्व नहीं कर सकते।
आरा से पूर्व लोकसभा सांसद रहे सिंह ने कहा कि उन्हें “खुलकर बोलने” की वजह से निलंबित किया गया। उन्होंने कहा कि मैं पहले भी अपनी बात खुलकर रखता था, चाहे मैं सांसद था या मंत्री। हालांकि, मैंने भाजपा द्वारा की गई कार्रवाई को ज्यादा तवज्जो नहीं दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके मुखर रुख के बावजूद उन्हें सात साल तक ऊर्जा मंत्री के रूप में काम करने का मौका मिला, जो उनके लिए बड़ी बात थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके मंत्रालय में प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई दखल नहीं होता था और उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने की छूट थी। बता दें कि पूर्व आईएएस अधिकारी रहे आरके सिंह केंद्र सरकार में गृह सचिव रह चुके हैं और बाद में राजनीति में आकर केंद्रीय मंत्री भी बने। उन्होंने साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी जॉइन की थी, लेकिन पिछले साल नवंबर में पार्टी से निलंबित किए जाने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
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