गंगटोक : सिक्किम अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विभाग द्वारा आज यहां पूरी श्रद्धा के साथ ‘अग्नि सेवा शहीद दिवस’ मनाया गया।
इस अवसर पर, शहीद नायकों के प्रति सम्मान और स्मरण के प्रतीक के रूप में अग्नि मुख्यालय और राज्य भर के सभी अग्निशमन केंद्रों पर दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद ‘अग्नि गान’ गाया गया। इसके अतिरिक्त, विभाग की ओर से 14 से 21 अप्रैल तक मनाये जाने वाले ‘अग्नि सेवा सप्ताह’ का शुभारंभ भी किया गया। इसका मुख्य विषय “सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल और अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक समाज” है।सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रम में अग्नि सुरक्षा अभ्यास और प्रदर्शन शामिल होंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य विद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों और सार्वजनिक सभा स्थलों पर अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही, ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के अनुरूप, सभी इकाइयों द्वारा खेल-कूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन भी किया जाएगा।
गौरतलब है कि कर्तव्य पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर अग्निशामकों के सम्मान में मनाये जाने वाले इस दिन का ऐतिहासिक महत्व है। यह 1944 की दुखद ‘बॉम्बे डॉक विस्फोट’ घटना की बरसी है जो देश की सबसे विनाशकारी अग्नि आपदाओं में से एक थी। उस घटना में विशाल आग और विस्फोटों से जूझते हुए अनेक अग्निशमन कर्मियों ने अपनी जान गंवा दी थी। उनका साहस और बलिदान पूरे देश में अग्नि सेवा समुदाय को निरंतर प्रेरित करता रहता है।
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