कार्सियांग : भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (भागोप्रमो) के कार्सियांग क्षेत्र से उम्मीदवार अमर लामा ने नेहरू बालासन क्षेत्र के चाय श्रमिकों से मुलाकात कर उनके साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने श्रमिकों की समस्याओं को सुना और अपने विचार साझा किए।
संवाद के दौरान अमर लामा ने आरोप लगाया कि कुछ लोग पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर यह भ्रामक प्रचार कर रहे हैं कि चाय बागान जीटीए के अंतर्गत नहीं आते, इसलिए उन्हें वोट नहीं देना चाहिए। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि चाहे वे कितनी भी स्पष्टता दें, कुछ लोग जानबूझकर गलत धारणा फैलाते हैं। श्री लामा ने कहा कि वे लंबे समय से चाय श्रमिकों के हित में कार्य करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 167 रुपये थी, तब से वे इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं, जो अब बढ़कर 250 रुपये हो गई है। वर्ष 2016 में उन्होंने एक ट्रेड यूनियन का पंजीकरण भी कराया था।
उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग पहाड़ की राजनीति तब तक अधूरी रहेगी, जब तक चाय श्रमिकों के लिए काम नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नेता मदन थापा से उन्हें यही राजनीतिक प्रेरणा मिली, जिसे वे आज भी अपने कार्य में लागू कर रहे हैं। अमर लामा ने कहा कि भागोप्रमो को श्रमिकों के मुद्दों की पूरी जानकारी है और वे कई बैठकों में भाग ले चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अब तक चाय श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन तय नहीं कर सकी है।
उन्होंने बताया कि आवश्यकताओं के आधार पर तय किया जाता है, जिसमें एक श्रमिक की दैनिक जरूरतों जैसे कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन की खपत को ध्यान में रखा जाता है। लामा ने आश्वासन दिया कि यदि वे विधानसभा तक पहुंचते हैं, तो चाय श्रमिकों के न्यूनतम वेतन को अपनी प्राथमिकता बनाएंगे। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पार्टी अध्यक्ष अनित थापा की भी प्राथमिकताओं में शामिल है।
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