गंगटोक : तीन दिवसीय राज्य स्तरीय इंद्र जात्रा उत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को एमजी मार्ग, गंगटोक में नेवार समुदाय की कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। दिन की शुरुआत रानीपुल से सिच्चे होते हुए बारपीपल स्थित सिक्किम नेवार गुठी भवन तक बाइक रैली के साथ हुई। रैली गंगटोक के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरी और गुठी भवन में संपन्न हुई।
एमजी मार्ग पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में गंगटोक नगर निगम की मेयर छिरिंग पालदेन भूटिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने आयोजकों और प्रतिभागियों को सामूहिक धिमे नृत्य प्रस्तुति के इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि सिक्किम की एकता और प्रगति के लिए सभी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण जरूरी है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सिक्किम नेवार गुठी के 110 प्रतिभागियों की सामूहिक धिमे नृत्य प्रस्तुति रही। चेतन प्रधान और उनकी टीम के नेतृत्व में हुई इस प्रस्तुति को नेवार समुदाय के पारंपरिक धिमे नृत्य के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में मान्यता मिली। रिकॉर्ड प्रक्रिया के तहत सीआईआई सिक्किम के चेयरमैन एवं माउंट जियोन एजुकेशनल ट्रस्ट के संस्थापक सोनी विरधी ने प्रस्तुति का औपचारिक अवलोकन और सत्यापन किया।
इंद्र जात्रा उत्सव समिति-2026 की सदस्य चित्रलेखा प्रधान ने स्वागत भाषण दिया, जबकि समिति के उपाध्यक्ष उत्तम शाक्य ने इंद्र जात्रा के महत्व और इस वर्ष के आयोजन की जानकारी दी। कार्यक्रम में पारंपरिक धिमे वादन, नृत्य एवं गायन प्रतियोगिताओं के साथ अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।
समापन पर सिक्किम नेवार गुठी के उपाध्यक्ष भाजू महेंद्र प्रधान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके बाद सिक्किम नेवा फोक बैंड के संगीतमय कार्यक्रम ने उत्सव का माहौल और जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में डिप्टी मेयर सारा लामा, एमजी मार्ग पार्षद संदीप मालू, सिक्किम न्यूह गुठी के प्रतिनिधि एवं सदस्य तथा समुदाय के अन्य लोग मौजूद रहे।
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