सिक्किम की स्वर्ण जयंती दौड़ में ‘मैजिकल 4’ का ऐतिहासिक कारनामा

गंगटोक : सिक्किम राज्यत्व की स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सिक्किम स्टेटहुड गोल्डन जुबली कमेमोरेशन रन’ का तीसरा चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। ‘मैजिकल 4’ नामक धावक दल ने लद्दाख के अत्यंत दुर्गम और 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले आठ पर्वतीय दर्रों को पैदल पार कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह अभियान न केवल साहस और शारीरिक क्षमता का प्रतीक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और सिक्किम की अदम्य भावना को भी समर्पित है।

‘मैजिकल 4’ टीम में अनुप जे बनिया, बसंत प्रधान, भूपेंद्र हांग सुब्बा और लव बर्मन शामिल हैं, जबकि अर्जुन शाक्य ने पूरे अभियान के दौरान लॉजिस्टिक एवं परिचालन सहयोग प्रदान किया। चार चरणों में आयोजित इस स्मृति अभियान का तीसरा चरण 21 जुलाई 2026 को लद्दाख के खारदुंग ला से शुरू हुआ। यह वही स्थान था, जहां पहले चरण का समापन हुआ था। इस चरण के दौरान टीम ने भारत के सबसे ऊंचे मोटर योग्य आठ पर्वतीय दर्रों को पार किया, जिनमें खारदुंग ला, तंगलंग ला, वारी ला, चांग ला, मार्सिमिक ला, काकसांग ला, फोती ला और उमलिंग ला शामिल हैं। इनमें उमलिंग ला समुद्र तल से 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और दुनिया के सबसे ऊंचे मोटर योग्य दर्रों में गिना जाता है।

अभियान का शुभारंभ भाजपा लद्दाख के प्रदेश प्रवक्ता एवं लेह ब्लॉक विकास परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ स्कलजांग दोर्जी केके ने खारदुंग ला से हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने टीम की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए सफल अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं। अत्यधिक ऊंचाई और कठिन मौसम के कारण अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। चौथे दिन तंगलंग ला पार करने के बाद टीम के सदस्य लव बर्मन को प्रतिकूल मौसम और शारीरिक कठिनाइयों के चलते अभियान बीच में ही छोड़ना पड़ा। इसके बावजूद शेष तीन सदस्यों ने हिम्मत नहीं हारी और सभी आठ उच्च हिमालयी दर्रों को सफलतापूर्वक पार कर अभियान को आगे बढ़ाया।

पूरे अभियान के दौरान टीम को हिमालय के अत्यंत कठिन और अप्रत्याशित मौसम का सामना करना पड़ा। खारदुंग ला और फोती ला में बर्फ से ढकी सड़कों पर दौड़ना पड़ा, पैंगोंग क्षेत्र में तेज गर्मी झेलनी पड़ी, तंगलंग ला की ओर बढ़ते समय लगातार बारिश का सामना करना पड़ा और हानले में कड़ाके की ठंड ने अभियान को और कठिन बना दिया। बदलते मौसम और ऑक्सीजन की कमी वाली ऊंचाई ने हर चरण में टीम के धैर्य, मानसिक दृढ़ता और शारीरिक क्षमता की कड़ी परीक्षा ली। अंततः टीम ने एक अगस्त 2026 को सुबह 9:30 बजे उमलिंग ला पहुंचकर तीसरे चरण का सफल समापन किया और स्वर्ण जयंती स्मृति दौड़ में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की।

अभियान का अंतिम भारतीय चरण उत्तराखंड की बर्फीली पर्वत श्रृंखलाओं में आयोजित किया जाएगा, जहां टीम माना दर्रे तक दौड़ पूरी करेगी। चारों चरण पूरे होने के बाद ‘मैजिकल 4’ भारत के दस सबसे ऊंचे मोटर योग्य दर्रों, जिनमें दुनिया के सात सबसे ऊंचे मोटर योग्य दर्रे शामिल हैं, को पैदल पार करने वाली चुनिंदा टीमों में शामिल हो जाएगी। टीम ने भविष्य की योजना का भी खुलासा किया है। भारतीय अभियान पूरा होने के बाद दल बोलिविया के उतुरुंकू पोटोसी तथा चीन के तिब्बत क्षेत्र स्थित सेमो ला और सुगे ला दर्रों तक पैदल अभियान चलाएगा।

यदि यह लक्ष्य पूरा होता है तो ‘मैजिकल 4’ दुनिया के दस सबसे ऊंचे मोटर योग्य दर्रों को पैदल पार करने वाली पहली टीम बन जाएगी।

टीम ने इस अभियान के लिए सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) के निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही नागरिक प्रशासन, भारतीय सेना और सभी सहयोगियों का भी धन्यवाद दिया, जिनके सहयोग से यह कठिन अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो सका।

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