पाकिम : पाकिम जिला कलेक्टर परी बिश्नोई के नेतृत्व में एक संयुक्त निरीक्षण दल ने आज नाथांग-माचोंग क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का दौरा कर सड़क निर्माण, भूमि स्थिरता, भूस्खलन और पर्यावरण संबंधी समस्याओं की समीक्षा की। इस निरीक्षण दल में रोलेप-बारापाथिंग जिला पंचायत सदस्य गौरी माया राई, पंचायत सदस्य संगीता रुचाल, ग्नाथंग-माचोंग के विधायक विधायक के ओएसडी एमबी गुरूंग, पाकिम एसडीएम एनके भंडारी, डीएफओ एसपी भूटिया, डीपीओ टीआर छेत्री, वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारी तथा नालंदा एंजिकॉन प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल थे।
निरीक्षण की शुरुआत लिंके के तीनधारे से हुई जहां दल ने क्षेत्र में वन भूमि पर कथित अवैध निर्माण की शिकायतों का जायजा लिया। जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद बारापाथिंग 4 माइल में सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया, जहां नालंदा एंजिकॉन द्वारा निर्धारित सीमा से बाहर जाकर निजी भूमि प्रभावित किए जाने की शिकायत मिली थी। यहां अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण और संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। वहीं, प्रभावित निवासियों को आश्वासन दिया गया कि उचित सत्यापन के बाद उपयुक्त कदम उठाए जाएंगे।
वहां से दल ने बारापाथिंग-रोलेप सड़क और चांडू पुल क्षेत्र में भूस्खलन की आशंका वाले हिस्सों का भी निरीक्षण किया। लगातार जल प्रवाह से सड़क के नीचे के हिस्से कमजोर पाए गए। डीसी ने एजेंसी को ढीले पत्थर हटाने, ढलान स्थिरीकरण, कटिंग कार्य और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा जाली लगाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे मलबा डालने और पीएमजीएसवाई सड़क पर असर पडऩे की बात भी सामने आई। चांडू पुल-छेत्री गांव मार्ग पर मानसून से पहले सुरक्षा दीवार बनाने के लिए एजेंसी को पीएमजीएसवाई अधिकारियों के साथ समन्वय करने को कहा गया, ताकि छात्रों और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।
इस दौरान, डीसी ने मलबा फेंकने से जल स्रोत प्रभावित होने की शिकायत पर भी संज्ञान लिया। वहां जिला कलेक्टर ने कहा कि इस मामले पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी और काम करने वाली एजेंसी को निर्देश दिया कि वे मलबा फेंकते समय सावधानी बरतें, मलबे वाली जगहों का नियमित निरीक्षण करें और यह पक्का करें कि मलबा सिर्फ़ सुरक्षित जगहों पर ही फेंका जाए।
बाद में दल ने चोचेन क्षेत्र का दौरा किया, जहां 7 माइल टर्निंग पर भूमि धंसने की समस्या पर चर्चा हुई। नालंदा एंजिकॉन ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए वैकल्पिक तकनीकी उपायों पर विचार किया जा रहा है। नेवाटे, रोंगली में रॉकफॉल प्रोटेक्शन बैरियर लगाने पर भी चर्चा की गई।
अंत में टीम ने थेक लाटुक स्थित माल्टिनी खोला का निरीक्षण किया, जहां अचानक आई बाढ़ में एक झूला पुल बह गया था। स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए अस्थायी बेली ब्रिज निर्माण का सुझाव दिया गया। जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।
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