मुख्य न्यायाधीश ने एनआईटी परिसर का किया निरीक्षण

नामची : सिक्किम राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एसएनएलयू) के स्थायी परिसर की स्थापना की संभावनाओं का आकलन करने के लिए सिक्किम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए मुहम्मद मुस्ताक ने शनिवार को नामची जिले के राबांग्‍ला स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), सिक्किम के मौजूदा परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में उपलब्ध बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं और आसपास की भूमि की उपलब्धता का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश के साथ सिक्किम उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल कर्मा वांगचुक भूटिया, कानून एवं संसदीय कार्य सचिव सूरज छेत्री, भवन एवं आवास विभाग के प्रधान मुख्य अभियंता यदुनंदन गौतम, सिक्किम राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. डॉ. राजेंद्र धर दुबे तथा मुख्यमंत्री के सहायक निजी सचिव (नामची) बिष्णु प्रसाद शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

इस अवसर पर राबांग्‍ला के एसडीएम सरन कालिकोटे, एसडीपीओ रोशन राई, एनआईटी सिक्किम के छात्र कल्याण अधिष्ठाता रंजन बसाक, सहायक कुलसचिव राम प्रसाद नेपाल, भूमि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी रिनजिंग वांग्याल भूटिया, रावंग-बारफुंग ग्राम पंचायत इकाई के सदस्य तथा भवन एवं आवास विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

निरीक्षण की शुरुआत में भूमि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी रिनजिंग वांग्याल भूटिया ने मुख्य न्यायाधीश को एनआईटी सिक्किम के मौजूदा परिसर की समग्र संरचना और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की जानकारी दी। लगभग 9.23 एकड़ में फैले इस परिसर के विभिन्न हिस्सों का विवरण प्रस्तुत करते हुए उन्होंने आसपास की उन भूमि का भी उल्लेख किया, जिन पर भविष्य में सिक्किम राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने पर विचार किया जा सकता है।

एनआईटी सिक्किम के अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान छात्र कल्याण अधिष्ठाता रंजन बसाक ने संस्थान की कार्यप्रणाली, प्रबंधन और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न भवनों के उपयोग, विद्यार्थियों के आवास, पानी की टंकियों के प्रबंधन, अपशिष्ट निस्तारण व्यवस्था, विभिन्न विभागों में विद्यार्थियों के नामांकन तथा परिसर में उपलब्ध अन्य सुविधाओं का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने यह भी बताया कि सिंगताम के खामदोंग में एनआईटी सिक्किम के स्थायी परिसर का निर्माण कार्य चल रहा है और संस्थान को नए परिसर में चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने मौजूदा कक्षाओं, संकाय सदस्यों के आवास, सम्मेलन कक्ष और पुस्तकालय के उपयोग तथा उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने प्रस्तावित सिक्किम राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के भविष्य में विस्तार के लिए आसपास की भूमि की उपलब्धता के बारे में भी पूछताछ की। उन्होंने प्रस्तावित विश्वविद्यालय की आवश्यकताओं पर चर्चा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि संस्थान में विद्यार्थियों और शिक्षकों की शैक्षणिक, प्रशासनिक तथा आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा और आवश्यक सुविधाएं होनी चाहिए।

इसके बाद उन्होंने परिसर का भ्रमण कर विभिन्न भवनों और सुविधाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान बहुउद्देशीय हॉल, पानी की टंकियों, खेल मैदान तथा विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों के लिए उपलब्ध आवासीय सुविधाओं का जायजा लिया गया। एनआईटी सिक्किम परिसर के निरीक्षण के बाद मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए मुहम्मद मुस्ताक ने तथागत शाल का भी दौरा कर वहां के परिसर का भ्रमण किया।

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