गंगटोक : सिक्किम सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन के सहयोग से आज स्थानीय एक होटल में डिजिटल इंडिया राज्य स्तरीय जागरुकता कार्यशाला आयोजित किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य सिक्किम सरकार के विभिन्न विभागों के बीच डिजिटल इंडिया की डिजीलॉकर, एंटिटीलॉकर, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम, डेटा वर्गीकरण, नागरिकों के डेटा सुरक्षा जैसी प्रमुख पहलों को लेकर जागरूकता बढ़ाने और परामर्श को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में सूचना प्रौद्योगिकी सचिव बिमल राई मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
एनईजीडी अधिकारियों ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से डीपीडीपी अधिनियम, डिजीलॉकर, एंटिटीलॉकर तथा डिजिटल इंडिया से जुड़ी अन्य पहलों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, डेटा वर्गीकरण, डीपीडीपी अधिनियम के अनुपालन तथा नागरिक डेटा संरक्षण पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया जिसमें सरकारी विभागों द्वारा नागरिकों के डेटा के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं और अनुपालन उपायों पर प्रकाश डाला गया।
इसके अलावा राज्य डेटा नीति पर भी एक विशेष सत्र हुआ, जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा नीति को अपनाने और इसके प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई।
एंटिटीलॉकर और डिजीलॉकर पर आयोजित सत्र का संचालन एनईजीडी के अतिरिक्त निदेशक अजय कुमार ने किया। वहीं एनईजीडी के सौमावो ने डीपीडीपी अधिनियम, डेटा वर्गीकरण, अनुपालन और नागरिक डेटा संरक्षण से संबंधित विषयों पर जानकारी साझा की। उनके साथ, वरिष्ठ आईटी सलाहकार निजानंद रथ ने राज्य डेटा नीति के विभिन्न प्रावधानों और इसके क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत प्रस्तुति दी।
इससे पहले, आईटी सचिव बिमल राई के स्वागत संबोधन से कार्यशाला की शुरुआत हुई। इसके बाद आईटी निदेशक सोनम ताशी वांगदी ने मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए डिजिटल शासन को मजबूत करने तथा सरकारी सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने में डिजिटल पहलों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
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