एसआईसीयूएन प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य से की मुलाकात

सहकारिता सामाजिक और आर्थिक समृद्धि का प्रभावी माध्यम : राज्यपाल

पाकिम : सिक्किम स्टेट कोऑपरेटिव यूनियन (एसआईसीयूएन) के प्रतिनिधिमंडल ने “कोऑपरेटिव संवाद” कार्यक्रम के तहत सोमवार को लोक भवन में असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य से शिष्टाचार भेंट की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनियन चेयरमैन और नॉर्थ ईस्ट स्टेट कोऑपरेटिव यूनियंस फोरम के मुख्य संयोजक डॉ मंगल जीत राई ने किया।

इस प्रतिनिधिमंडल में अरुणाचल प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव यूनियन के चेयरमैन और एनईएससीयूएफ के सहायक मुक्चय संयोजक नबाम ताही नेकिल, असम स्टेट कोऑपरेटिव यूनियन के असिस्टेंट एजुकेशन ऑफिसर श्यामल सैकिया और यूनियन कर्मचारी शामिल थे।

इस मुलाकात के दौरान डॉ राई ने राज्यपाल आचार्य को प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के उद्देश्य से अवगत कराया। उन्होंने सिक्किम और पूर्वोत्तर क्षेत्र में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एसआईसीयूएन द्वारा किए जा रहे कार्यों और पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि यूनियन सहकारी संस्थाओं को अधिक सक्रिय, सक्षम और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में सहकारिता आंदोलन को व्यापक आधार देने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने सहकारिता आंदोलन को आगे बढ़ाने में एसआईसीयूएन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों में सहकारिता क्षेत्र के निरंतर विकास और विस्तार के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने कहा कि सहकारिता आंदोलन की जड़ें देश के विभिन्न राज्यों में गहरी हैं। उन्होंने गुजरात के सफल सहकारी मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि सहकारिता व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर सामाजिक-आर्थिक विकास तथा समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

बैठक के दौरान राज्यपाल ने पूर्वोत्तर राज्यों के लिए राज्यवार प्राथमिकता ढांचा तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे अलग-अलग राज्यों में क्षेत्र विशेष की संभावनाओं, चुनौतियों और उन क्षेत्रों की पहचान की जा सकेगी, जहां विशेष ध्यान और हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल से विस्तृत सुझाव और प्रस्ताव प्रस्तुत करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सहयोग और पहल के माध्यम से सहकारिता आंदोलन को और मजबूत किया जा सकता है, उन पर ठोस सुझाव दिए जाएं। राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि सिफारिशें प्राप्त होने के बाद उचित कदमों पर विचार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह मुलाकात पूर्वोत्तर क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने और विभिन्न राज्यों के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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