गंगटोक : कौशल विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत आयोजित एक दिवसीय इंडस्ट्री आउटरीच वर्कशॉप-2026 का सोमवार को गंगटोक के एक स्थानीय होटल में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में विधायक सह कौशल विकास एवं परिवहन विभाग के सलाहकार मदन सिंचुरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में Madan Cintury ने उद्योगों और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत बनाने के विभागीय प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम-सेतु योजना औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के आधुनिकीकरण तथा कुशल एवं रोजगारोन्मुखी कार्यबल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि सरकारी आईटीआई, रंगपो को हब आईटीआई तथा नामची, गेजिंग और केवजिंग स्थित आईटीआई को स्पोक आईटीआई के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे राज्यभर में गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण की पहुंच बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि योजना की सफलता उद्योगों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। उद्योग जगत को पाठ्यक्रम विकास, अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग करना चाहिए, ताकि युवाओं को उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके।
कार्यक्रम में कौशल विकास विभाग की सचिव ताशी चो चो ने पीएम-सेतु योजना को आईटीआई को उद्योग-प्रेरित उत्कृष्टता केंद्रों में बदलने वाली परिवर्तनकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास का भविष्य केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि उद्योगों की सक्रिय भागीदारी से ही सुनिश्चित हो सकता है।
भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के उप निदेशक दिव्यांशु झा ने योजना के राष्ट्रीय स्वरूप पर प्रस्तुति देते हुए बताया कि इसके तहत देशभर के एक हजार आईटीआई का उन्नयन किया जाएगा तथा पांच वर्षों में 20 लाख युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर एवं पर्वतीय राज्यों के लिए योजना में केंद्र सरकार 74.7 प्रतिशत, राज्य सरकार 8.3 प्रतिशत तथा उद्योग साझेदार 17 प्रतिशत योगदान देंगे।
कार्यशाला में पीएम-सेतु योजना के विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) मॉडल, उद्योग-नेतृत्व वाली प्रशिक्षण व्यवस्था, अप्रेंटिसशिप, रोजगार सृजन तथा हब एंड स्पोक मॉडल पर विस्तृत चर्चा की गई। विभाग के विशेष सचिव सामदुप भूटिया ने सिक्किम के आईटीआई नेटवर्क तथा राज्य में योजना के क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि रंगपो, नामची, गेजिंग और केवजिंग स्थित चार आईटीआई में कुल 900 सीटों की क्षमता है और यहां 27 विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्तमान में इन संस्थानों में 695 प्रशिक्षु अध्ययनरत हैं। वहीं सोरेंग जिले के चुमबुंग और पाक्योंग जिले के अरितार में नए आईटीआई निर्माणाधीन हैं, जिनका कार्य वर्ष 2026-27 तक पूरा होने की संभावना है।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न उद्योग प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में उद्योग प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच पीएम-सेतु योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
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