सारेंग : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम (वीवीवीपी) के तहत देशभर के युवाओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इस कार्यक्रम में सिक्किम के सोरेंग जिले के ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों ने भी भाग लिया और सीमावर्ती गांवों में अपने अनुभव साझा किए।
विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम, गृह मंत्रालय और ‘माय भारत’ प्लेटफॉर्म की संयुक्त पहल है। इसका उद्देश्य युवाओं को देश के दूरस्थ सीमावर्ती गांवों से जोड़ना, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना तथा ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के तहत स्वयंसेवकों को सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर वहां की जीवनशैली, चुनौतियों और विकास कार्यों को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
प्रधानमंत्री के साथ हुए संवाद के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े स्वयंसेवकों ने सीमावर्ती गांवों में अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस पहल से स्थानीय विकास, सामाजिक भागीदारी तथा युवाओं में राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा मिला है। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में देश के 250 जिलों से लगभग 5,000 युवाओं ने भाग लिया।
सोरेंग जिले में यह कार्यक्रम जिला प्रशासनिक केंद्र स्थित एनआईसी परिसर से आयोजित किया गया। इसमें एसडीएम (मुख्यालय) प्रेम के सुब्बा के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम शामिल हुई। कार्यक्रम में खेल एवं युवा मामलों की उपनिदेशक ममता गुरुंग, सहायक निदेशक (आईटी) आमिर भंडारी तथा ‘माय भारत’ के स्वयंसेवकों ने भी सहभागिता की।
जिला प्रशासन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
No Comments: