पाकिम : जिले के सभी अनुमंडलों के राजस्व अधिकारियों, राजस्व निरीक्षकों, प्रधान व राजस्व सर्वेक्षकों के लिए सोमवार को जिला प्रशासनिक केंद्र में एग्रीस्टैक पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अतिरिक्त जिलाधिकारी (मुख्यालय) सबिंद्र राई की अध्यक्षता में हुए इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को एग्रीस्टैक फार्मर रजिस्ट्री मोबाइल एप्लिकेशन तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सत्यापित किसानों की जानकारी को भूमि अभिलेखों से जोड़ने की प्रक्रिया से अवगत कराना था।
इस अवसर पर संयुक्त आईटी निदेशक बिक्रम राई ने बताया कि एग्रीस्टैक किसानों, भूमि और फसलों से संबंधित सत्यापित आंकड़ों को एकीकृत करने वाला डिजिटल मंच है। इसके माध्यम से सरकारी सेवाओं, कृषि सलाह, सब्सिडी तथा किसानों से जुड़ी अन्य योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
राई ने “सिक्किम की एग्रीस्टैक यात्रा : डिजिटल कृषि की ओर बढ़ते कदम” विषय पर प्रस्तुति देते हुए राज्य के डिजिटल कृषि मिशन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एग्रीस्टैक के तहत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए किसान रजिस्ट्री, भू-संदर्भित ग्राम मानचित्र और डिजिटल फसल सर्वेक्षण तीन प्रमुख घटक हैं। प्रशिक्षण के दौरान पाकिम जिले में एग्रीस्टैक के क्रियान्वयन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि जिले में अब तक कुल 11,360 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री के तहत पंजीकरण किया जा चुका है।
वहीं, सहायक आईटी निदेशक हरका लामिछाने ने एप्लिकेशन का लाइव प्रदर्शन करते हुए अनुमोदन प्रक्रिया पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में कृषि विभाग की उपनिदेशक रेबेका गुरुंग, कृषि विकास अधिकारी गगन गुरुंग तथा सहायक आईटी निदेशक निर्णय राई भी उपस्थित थे।
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