सिक्किम के पर्यटन स्थलों को डिजिटल मंच पर लाने की जरूरत : गजेंद्र सिंह शेखावत

केंद्रीय मंत्री ने परखी सोरेंग की ईको-टूरिज्म और सांस्कृतिक क्षमता

सोरेंग : भारत सरकार के केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 28 से 29 मई 2026 तक निर्धारित आधिकारिक दौरे के तहत सोरेंग जिले का भ्रमण किया। दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने समीक्षा बैठकों में भाग लिया तथा जिले की पर्यटन संभावनाओं और विकास की संभावनाओं का आकलन करने के लिए स्थानीय युवाओं एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद किया।

अपने दौरे के क्रम में केंद्रीय मंत्री ने रिनचेनपोंग स्थित सांग नगाग यांगत्से मठ, मेघी दारा स्थित रिनचेन छोलिंग मठ, श्रीबादम ट्राउट फार्मिंग सेंटर तथा श्रीबादम जलप्रपात सहित कई प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का दौरा किया। इस यात्रा ने जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और बढ़ती ईको-टूरिज्म संभावनाओं को उजागर किया।

पर्यटन संवर्धन के महत्व पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सिक्किम के पर्यटन स्थलों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रचारित किया जाना चाहिए, ताकि राज्य में अधिक घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।

सोरेंग के जिला कलेक्टर धीरज सुबेदी ने केंद्रीय मंत्री को आकांक्षी जिले के रूप में सोरेंग के समग्र विकास प्रोफाइल की जानकारी दी। उन्होंने ईको-टूरिज्म, सतत पर्यटन और जिले की सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत के संरक्षण के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

जिला कलेक्टर ने केंद्रीय मंत्री के दौरे के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की यात्राएं जिले के पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने और राष्ट्रीय स्तर पर जिले की विशिष्ट सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पहचान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

सांग नगाग यांगत्से मठ के दौरे के दौरान मठ समिति ने केंद्रीय मंत्री को क्षेत्र में बौद्ध धर्म के इतिहास एवं महत्व के साथ-साथ मठ की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। समिति ने अमिताभ बुद्ध की प्रतिमा निर्माण की प्रस्तावित योजना और उसके माध्यम से बौद्ध विरासत, आध्यात्मिकता तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के महत्व पर भी चर्चा की। मठ समिति ने केंद्रीय मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को स्मृति चिह्न एवं सम्मान स्वरूप उपहार भेंट किए।

दौरे के दौरान क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने कार्यक्रम को जीवंत बनाया और सोरेंग जिले की विविध सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया। केंद्रीय मंत्री ने छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता, परंपरागत मूल्यों और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान की प्रशंसा की। उन्होंने छात्रों और कलाकारों को अपनी पारंपरिक कला एवं संस्कृति को भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया।

सायंकालीन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने छात्रों, पर्यटन हितधारकों और स्थानीय निवासियों के साथ भी संवाद किया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत की प्राचीन सभ्यता और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि समग्र विकास के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों और स्थानीय उद्यमियों को उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इस दौरे से जिले में पर्यटन विकास गतिविधियों को और गति मिलने तथा सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद जताई गई है।

इस अवसर पर रिनचेनपोंग के विधायक एरुंग लेप्चा, सोरेंग-च्‍याखुंग के विधायक आदित्य गोले, मानेबुंग-देंताम के विधायक एवं पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन विभाग के सलाहकार सुदेश सुब्बा, जिला पंचायत अध्यक्ष (सोरेंग) श्रीमती तिला देवी गुरुंग, एपीएस टू एचसीएम (सोरेंग) एरास लक्सोम, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की सचिव सुश्री होंडाला ग्यालत्सेन, जिला कलेक्टर धीरज सुबेदी, पुलिस अधीक्षक नहकुल प्रधान, संस्कृति मंत्रालय के ईजेडसीसी निदेशक आशीष गिरी, एडीसी सोरेंग डीआर बिस्टा, पर्यटन विभाग की प्रधान मुख्य अभियंता सुश्री शांति तामांग, ओएसडी, एसडीएम, बीडीओ, जिला पंचायत अधिकारी, पर्यटन विभाग के अभियंता, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी तथा स्थानीय हितधारक उपस्थित थे।

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