नारको समन्वय समिति की बैठक संपन्न

गेजिंग : जिले के लिए अप्रैल माह की नारको समन्वय (एनकॉर्ड) समिति और बच्चों में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग पर आज राबदेंत्से जिला प्रशासनिक केंद्र में वर्चुअल माध्यम से मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

जिला कलेक्टर सह समिति के अध्यक्ष तेनजिंग डेनजोंग्‍पा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पुलिस अधीक्षक छिरिंग शेरपा, एडीसी सह जिला नोडल अधिकारी सुरेश राई, एसडीएम (मुख्यालय) अग्नि प्रसाद छेत्री, अतिरिक्त कृषि व बागवानी निदेशक कर्मा शेरपा, एसएसबी 36वीं बटालियन के उप कमांडेंट नीरज कुमार और रवि कांत वर्मा, डीआईओ राजेन तमांग, उप शिक्षा निदेशक ताशी ओंगेल भूटिया, कल्याण अधिकारी रोशन शर्मा के साथ पशुपालन एवं श्रम व वन विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में नशीले पदार्थों के नियंत्रण, प्रवर्तन उपायों, अंतर-विभागीय समन्वय और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से संबंधित उभरती चिंताओं पर जिला-स्तरीय हस्तक्षेपों की समीक्षा की गई, जिसमें बच्चों, किशोरों और अन्य संवेदनशील समूहों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें एडीसी ने पिछली बैठक के कार्यवृत्त की समीक्षा करते हुए विभागीय प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

बैठक के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने पूरे जिले में लगभग 1100 भांग के पौधे और जिला अस्पताल में जब्त किए गए नशीले पदार्थों को जलाकर नष्ट करने के बारे में बताया। वहीं, एसएसबी 36वीं बटालियन के उप कमांडेंटों ने नामित टीमों द्वारा सीमा चौकियों और आस-पास के गांवों में लगातार जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी।

उनके साथ, सभी प्रखंड विकास अधिकारियों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में किए जा रहे नियमित निगरानी, निरीक्षण और जागरूकता गतिविधियों के संबंध में अद्यतन जानकारी साझा की। उन्होंने सदन को प्रखंड एनकॉर्ड समितियों के गठन और जमीनी स्तर पर की गई पहलों के बारे में भी सूचित किया। साथ ही, बैठक में शिक्षण संस्थानों के पास नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा की गई, जिसके लिए अचानक निरीक्षण की योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। यह भी बताया गया कि गेजिंग बीडीओ को 100 नशीले पदार्थ परीक्षण किट प्राप्त मिली हैं, जिन्हें जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सौंप दिया गया है।

इसके अलावा, शिक्षा विभाग ने पूरे जिले के स्कूलों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी और बताया कि सभी स्कूलों को ‘तंबाकू-मुक्त शिक्षण संस्थान’ पहल के तहत शामिल कर लिया गया है। नुक्कड़ नाटकों और अन्य संवेदीकरण गतिविधियों के माध्यम से जागरुकता अभियान भी लगातार चलाए जा रहे हैं। वहीं, जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि स्कूल छोड़ने वाले छात्रों में से 42 छात्रों ने कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों में रुचि दिखाई है। उनके अलावा, स्वास्थ्य विभाग ने ‘ओपिओइड प्रतिस्थापन चिकित्सा’ (ओएसटी) के पालन और निरंतरता से जुड़े मुद्दों पर प्रकाश डाला और बताया कि ‘राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम’ के तहत नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसके बाद, जिला कलेक्टर ने एक समन्वित, निवारक और प्रवर्तन-उन्मुख दृष्टिकोण पर जोर देते हुए सभी विभागों को निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने, जागरुकता कार्यक्रम तेज करने, नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के रुझानों की समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने और जिले में नशीले पदार्थों से संबंधित चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक सक्रिय बहु-क्षेत्रीय रणनीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी विभागों को यह भी निर्देश दिया कि सुचारू संचार और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए वे जल्द से जल्द नारको नोडल अधिकारी नियुक्त करें।

जिला कलेक्टर ने सदन को सिक्किम के राज्यपाल के जिले के आगामी दौरे के बारे में भी सूचित किया और सभी संबंधित अधिकारियों से तैयार रहने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने सभी विभागों से यह भी अपील की कि वे सरकार द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करें और उसी के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनाएं।

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