नामची : जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय (एनसीओआरडी) की मासिक बैठक आज जिला प्रशासनिक केंद्र, नामची में जिला कलेक्टर सुश्री अनुपा तामलिंग की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुश्री सोनम डोल्मा भूटिया, समिति के सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर ने एनसीओआरडी पहल के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, जिनका लक्ष्य अवैध नशीले पदार्थों की आपूर्ति और मांग दोनों को रोकना तथा कम करना है। उन्होंने कहा कि जिले में नशा दुरुपयोग और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विभागों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों और नागरिक समाज संगठनों के बीच समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
बैठक में नशा रोकथाम, प्रवर्तन उपायों, पुनर्वास पहलों और विभागों के बीच समन्वय से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी और नामची जिले सहित पूरे राज्य में आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने के लिए पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी बनाए रखने और जिलेभर में रोकथाम उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग की पहलों, जिनमें प्रत्येक विभाग में “नशा मुक्त सेल” का गठन शामिल है, का भी उल्लेख किया।
बैठक में एनडीपीएस और साडा मामलों की स्थिति, नशा प्रभावित क्षेत्रों की पहचान एवं निगरानी, नशामुक्ति और पुनर्वास केंद्रों को मजबूत बनाने, ड्रग डिस्पोजल समिति को सक्रिय करने तथा युवाओं को खेल और जागरुकता कार्यक्रमों से जोड़ने पर विस्तृत चर्चा हुई। जिला कलेक्टर ने स्कूलों और सरकारी विभागों में तैनात नामित कर्मियों की भूमिका पर विशेष जोर दिया, जो नशा रोकथाम और जरूरतमंद व्यक्तियों की सहायता के लिए संपर्क सूत्र के रूप में कार्य करते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जारी सभी कार्यक्रम अनुमतियों में अब “नशा मुक्त अभियान” पर संक्षिप्त जागरूकता सत्र आयोजित करना अनिवार्य शर्त के रूप में शामिल किया गया है। सभी हितधारकों से इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। इसके अलावा, जिला कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जिले की सभी दवा दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि सीसीटीवी प्रणाली सही ढंग से स्थापित और संचालित हो रही हो।
बैठक के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नशामुक्ति केंद्रों की नियमित निगरानी और उपचाराधीन नाबालिगों के प्रति संवेदनशील एवं सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने के महत्व पर जोर दिया। जिला कलेक्टर ने सारथी संगठन, नामची के कार्यकारी सदस्यों का स्वागत करते हुए उनसे जिले में नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
हालिया उपलब्धियों की जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुश्री सोनम डोल्मा भूटिया ने बताया कि पिछली एनसीओआरडी बैठक के बाद नामची पुलिस द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन पर प्राप्त जनसूचनाओं की सहायता से नशीले पदार्थों से जुड़े 10 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कई अन्य मामलों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने स्थानीय बाजार समितियों, वार्ड पंचायतों, बैंक अधिकारियों, टैक्सी एवं ट्रक संघों तथा शिक्षा विभाग के साथ संयुक्त बैठक आयोजित करने का आह्वान किया, ताकि जमीनी स्तर पर रोकथाम तंत्र को मजबूत किया जा सके। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे की समस्या को बढ़ने से पहले गांव स्तर पर ही रोकना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से जिले की हेल्पलाइन संख्या 9046245044 का उपयोग कर संदिग्ध नशा संबंधी गतिविधियों की सूचना देने की अपील की तथा पूर्ण गोपनीयता और पुलिस सहयोग का आश्वासन दिया।
जिला कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दोनों ने “ड्रग सफाई अभियान” तथा सामुदायिक स्वयंसेवकों के जागरूकता फैलाने में योगदान की सराहना की। उन्होंने जिलेभर में आयोजित जागरुकता रैलियों और शैक्षणिक अभियानों की भी प्रशंसा की। बैठक का समापन सभी हितधारकों की इस सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ कि विभिन्न विभागों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवाओं और सामुदायिक संगठनों के सहयोग से नामची को नशामुक्त जिला बनाया जाएगा।
बैठक में एडीसी (मुख्यालय) सुभाष घिमिरे, एडीसी नामची सुश्री तिरसांग तामांग, एसडीएम (मुख्यालय) निम पिंत्सो भूटिया, एसडीएम नामची ओंग्याल शेरपा, एएसपी नामची विकास तिवारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी जीपी शर्मा, एमईओ नामची योगेन स्यांदेन तथा सारथी संगठन, नामची के सदस्य और प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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