पाकिम : किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय कृषि उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को पाकिम जिला प्रशासनिक केंद्र में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (एटीएमए) की शासी निकाय एवं प्रबंधन समिति तथा जिला किसान सलाहकार समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पाकिम की जिला कलेक्टर एवं एटीएमए अध्यक्ष परी बिश्नोई (Pari Bishnoi) ने की।
बैठक में जिला कलेक्टर ने एटीएमए पाकिम की उपलब्धियों की सराहना करते हुए राज्य के पांच उच्च मूल्य वाले कृषि उत्पादों की पहचान करने और उन्हें बड़े बाजारों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए उत्पादों की उचित पैकेजिंग, प्रसंस्करण और विपणन की व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने ऑर्किड फूलों का उदाहरण देते हुए कहा कि उपहार उद्योग में इसकी अच्छी संभावनाएं हैं। इसी तरह स्थानीय विशिष्ट उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर उन्हें नए बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है।
वहीं, एटीएमए के अतिरिक्त निदेशक एवं परियोजना निदेशक छिरिंग चोफेल भूटिया ने संस्था की संरचना, कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों की जानकारी दी। उन्होंने कृषि विस्तार सेवाओं को मजबूत बनाने तथा किसानों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने में आत्मा की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कृषि उपनिदेशक एवं एटीएमए पाकिम की उप परियोजना निदेशक रेबेका गुरुंग ने वर्ष 2025-26 की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने जिले के सभी छह प्रखंडों में आयोजित किसान प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम, कृषि प्रदर्शन, फार्म स्कूल, किसान गोष्ठियों और क्षमता विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी। साथ ही निधि के उपयोग और जिला कार्ययोजना का विवरण भी प्रस्तुत किया।
इसके अलावा, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. प्रकाश शर्मा ने वर्षा जल संचयन और कृषि में जल प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से कम वर्षा वाले क्षेत्रों में जल संरक्षण और उपलब्ध पानी के कुशल उपयोग को टिकाऊ खेती के लिए आवश्यक बताया।
बैठक में पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग की अतिरिक्त निदेशक डॉ अंजला प्रधान, बागवानी विभाग की उपनिदेशक हिस्से छोडे भूटिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जिला किसान सलाहकार समिति के प्रतिनिधि तथा प्रखंड तकनीकी प्रबंधक और सहायक तकनीकी प्रबंधक उपस्थित थे।
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