गंगटोक : सिक्किम राज्य सिविल सेवा तथा सिक्किम वित्त एवं लेखा सेवा के वर्ष 2026 बैच के परिवीक्षाधीन अधिकारियों के लिए तीन महीने का फाउंडेशन ट्रेनिंग कार्यक्रम आज से स्थानीय प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान में शुरू हुआ। कार्मिक विभाग के अधीन आयोजित इस प्रशिक्षण में हाल ही में राज्य सिविल सेवा और वित्त एवं लेखा सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले कुल 47 अधिकारी भाग ले रहे हैं।
प्रशिक्षण के उद्घाटन समारोह में कार्मिक सचिव रिनजिंग भूटिया, वित्त विभाग के लेखा नियंत्रक सह सचिव जीवन सुब्बा, प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक महेश शर्मा, संयुक्त सचिव छबीलाल शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर कार्मिक सचिव रिनजिंग भूटिया ने परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित करते हुए चयन पर बधाई देते हुए कहा कि सरकारी सेवा में प्रवेश केवल नौकरी की शुरुआत नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी की शुरुआत है। अधिकारियों को उद्देश्य, प्रतिबद्धता और जनसेवा की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नियमित रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन राज्य के युवाओं को समय पर सरकारी सेवा में प्रवेश का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से तीन महीने के प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और अनुभवी अधिकारियों तथा विषय विशेषज्ञों के साथ होने वाली बातचीत का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
भूटिया ने कहा कि आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से बड़ी मात्रा में जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकती है, लेकिन प्रशासन की जटिलताओं को समझने के लिए अनुभवी अधिकारियों से मिलने वाला व्यावहारिक ज्ञान बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में, उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने की भी सलाह दी। कई प्रशिक्षुओं के पास पहले से सरकारी विभागों, शिक्षण, इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों का अनुभव है, जिसका लाभ पूरे बैच को मिल सकता है।
सचिव ने आगे कहा कि प्रशिक्षण के दौरान विकसित होने वाला आपसी समन्वय भविष्य में विभिन्न विभागों के बीच समस्याओं को हल करने और प्रशासनिक कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने में सहायक होगा। सरकारी अधिकारियों को समस्याओं को टालने के बजाय समाधान खोजने और आम लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली कार्यशैली अपनानी चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों के प्रदर्शन को उनकी भविष्य की पदस्थापना के समय ध्यान में रखा जाएगा। अधिकारियों की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और रुचि के अनुरूप उनकी सेवाओं का बेहतर उपयोग करने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं, वित्त विभाग के लेखा नियंत्रक सह सचिव जीवन सुब्बा ने अधिकारियों से ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से कभी समझौता नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में अधिकारी जिस तरह से निर्णय लेते हैं, उसी से उनके चरित्र और पेशेवर पहचान का निर्माण होता है।
उन्होंने वर्ष 2047 तक सिक्किम के विकास में नई पीढ़ी के अधिकारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। राज्य के सामने मौजूद वित्तीय चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन, राजस्व बढ़ाने और सरकारी खर्च की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
सुब्बा ने कहा कि प्रशासनिक और वित्तीय निर्णयों के व्यापक प्रभावों को समझना जरूरी है। अधिकारियों को राज्य के विकास के प्रति जिम्मेदारी और अपनापन रखते हुए निर्णय लेने चाहिए।
इससे पहले प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक महेश शर्मा ने स्वागत संबोधन में कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य नए अधिकारियों को पेशेवर दक्षता, वित्तीय अनुशासन, ईमानदारी और जनसेवा के मूल्यों के साथ उनकी जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है।
तीन महीने के इस प्रशिक्षण में सिक्किम में गहन प्रशिक्षण सत्रों के साथ बाद में नई दिल्ली में भी प्रशिक्षण का एक चरण आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में कक्षा प्रशिक्षण, व्यावहारिक अभ्यास, क्षेत्र भ्रमण तथा अनुभवी अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ संवाद शामिल होंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य नव नियुक्त अवर सचिवों और लेखा अधिकारियों को राज्य सरकार में अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और प्रशासनिक दृष्टिकोण प्रदान करना है। कार्यक्रम का संचालन नितिन छेत्री ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव छबीलाल शर्मा ने दिया।
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