भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का जिलाधिकारी ने लिया जायजा

पाकिम : पाकिम की जिला कलेक्टर परी बिश्नोई के नेतृत्व में एक प्रशासनिक टीम ने गुरुवार को भानु टर्निंग के समीप भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं का निरीक्षण किया। टीम ने विभिन्न स्थानों पर स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण दल में पाकिम नगर पंचायत अध्यक्ष, एसडीएम (मुख्यालय), पाकिम एसडीएम, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता, पीएचई डिवीजनल इंजीनियर, पीडीजेडपी के सहायक अभियंता, पाकिम आरओ/एडी, नगर पंचायत एमईओ, पाकिम थाना प्रभारी के साथ स्पेशल ब्रांच तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल थे।

अधिकारियों ने जिला कलेक्टर को बताया कि पहाड़ी से बहने वाला पानी मलबा जमा होने के कारण पुलियों से ठीक तरह नहीं निकल पा रहा है। इससे पानी सडक़ और आसपास की निजी संपत्तियों में फैल रहा है, जिसके कारण प्रभावित क्षेत्र में नुकसान बढ़ा है।

डीसी परी बिश्नोई ने प्रभावित ढलान, रिटेनिंग संरचनाओं और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने ढलान खिसकने के कारण, नुकसान की सीमा, जलापूर्ति समस्या, मौजूदा जल निकासी व्यवस्था, आपातकालीन बचाव उपायों और संबंधित एजेंसियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।

जिला कलेक्टर ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को निजी भूमि पर मलबा नहीं डालने का निर्देश दिया। साथ ही क्षेत्र के लिए एक व्यापक जल निकासी योजना तैयार कर प्रशासन को सौंपने को कहा।

उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को भूस्खलन स्थल का विस्तृत अध्ययन कराने, ढलान की सुरक्षा के लिए उचित उपाय लागू करने तथा बारिश के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त पुलियों और नालियों का निर्माण करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र मुख्य सडक़ के किनारे स्थित है, इसलिए सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को आगे होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जल निकासी व्यवस्था में सुधार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन समस्या के शीघ्र समाधान के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखेगा। स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र में लंबे समय से बनी जल निकासी की समस्या को लेकर प्रशासन के समक्ष चिंता जताई थी। इससे पहले एसडीएम (मुख्यालय), पाकिम एसडीएम और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया था। इसके बाद प्रभावित क्षेत्र में तीन सुरक्षा बूथ स्थापित किए गए और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।

निरीक्षण दल ने बाद में भूस्खलन स्थल के ऊपर स्थित रनवे क्षेत्र का भी जायजा लिया और वहां किए जा रहे तत्काल बचाव एवं नियंत्रण कार्यों की समीक्षा की। जिला कलेक्टर ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को प्रभावित क्षेत्र की ढीली मिट्टी को तुरंत स्थिर करने और समयबद्ध तरीके से प्रभावी समाधान लागू करने का निर्देश दिया।

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