रंगपो : राष्ट्रव्यापी “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत रंगपो नगर पंचायत और डीएसी पाकिम की संयुक्त पहल पर रंगपो नगर पालिका सभागार में एक जागरुकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रंगपो नगर पंचायत के अध्यक्ष श्री संजीव खाती उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, रंगपो नगर पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती संजू मंगर तथा पार्षद श्री पिंकू प्रसाद, श्रीमती राधा प्रधान और श्रीमती लारिश्ना तमांग भी मौजूद थीं। अन्य विशिष्ट अतिथियों में श्री स्वामीनाथ प्रसाद (सिक्किम बिहारी जागरण मंच) और श्री कौशल लामिछाने (एससी विंग) शामिल थे। कार्यक्रम में रंगपो नगर पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारी, गणमान्य व्यक्ति, विभिन्न हितधारक तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुश्री नताशा परियार द्वारा स्वागत भाषण के साथ हुआ। मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता एवं कल्याण विषय पर एक जानकारीपूर्ण सत्र डॉ निखिल, चिकित्सा अधिकारी प्रभारी, रंगपो तथा श्री दिनेश शंकर, स्वास्थ्य शिक्षाविद्, रंगपो द्वारा आयोजित किया गया। उन्होंने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला।
मोबाइल फोन की लत पर एक सत्र श्रीमती अश्मिता तामांग, सारथी 1.0 की मुख्य समन्वयक, द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने डिजिटल निर्भरता की बढ़ती चुनौती और विशेष रूप से युवाओं पर इसके प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया। नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और उनकी रोकथाम से जुड़े कानूनी पहलुओं पर श्री सागर, पुलिस निरीक्षक (पीआई), रंगपो पुलिस स्टेशन ने जानकारी दी। उन्होंने मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों के कानूनी परिणामों तथा इस समस्या से निपटने में सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर जोर दिया।
बिशाल शर्मा, एपीएस पाकिम एवं सारथी 1.0 के अध्यक्ष, ने “व्यसन से मुक्ति के रणनीतिक उपाय एवं समाधान” विषय पर सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने जागरूकता, रोकथाम, पुनर्वास और सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। एससी विंग के श्री कौशल लामिछाने ने अपने अनुभव साझा किए और नशा-मुक्त जीवन के महत्व पर अपने व्यक्तिगत विचार रखते हुए प्रतिभागियों को प्रेरित किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री संजीव खाती, अध्यक्ष, रंगपो नगर पंचायत ने नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए सरकारी एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों, परिवारों और समाज के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने और स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
यह कार्यक्रम सिक्किम के मुख्यमंत्री श्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) की स्वस्थ, जागरूक और नशा-मुक्त समाज की परिकल्पना एवं प्रतिबद्धता को भी प्रतिबिंबित करता है। ऐसे प्रयास “सुनहरे, समृद्ध और समर्थ सिक्किम” के निर्माण के सामूहिक संकल्प को और मजबूत करते हैं। कार्यक्रम का समापन नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करने तथा नशा-मुक्त भारत और नशा-मुक्त सिक्किम के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ के साथ हुआ।
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