गंगटोक : विश्व हिन्दू परिषद के तत्वावधान में आज सिलीगुड़ी में सनातन संस्कृति के संवाहक स्वर्गीय अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह की शुरुआत में राज्यपाल ने स्वर्गीय अशोक सिंघल जी और भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
27 सितंबर 1926 को जन्मे अशोक सिंघल जी के जन्म के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग एकत्र हुए। अपने संबोधन में राज्यपाल ने अशोक सिंघल के साथ अपने आत्मीय रिश्तों को याद किया और कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए आयोजकों का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल का जीवन राष्ट्र को समर्पित था। उन्होंने देश में देशभक्ति, निस्वार्थ समाज सेवा और समाज में एकजुटता का भाव पैदा करने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
राज्यपाल ने कहा कि अशोक सिंघल जी ने भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने में जो योगदान दिया, उसे युगों-युगों तक याद रखा जाएगा। उन्होंने एकल विद्यालय की कल्पना को साकार करने के उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन प्रेरणा पुंज है।
राज्यपाल ने जन समुदाय से आह्वान किया कि श्री अशोक सिंघल द्वारा दिखाए गए मार्ग को अपने जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। समाज को एकजुट करने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने का जो संकल्प उन्होंने लिया था, आज की युवा पीढ़ी को उसे आत्मसात करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में श्री अशोक तिवारी, महामंत्री, विश्व हिन्दू परिषद ने अपना संभाषण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर साधु-संत, महात्मा, कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी तथा सिलीगुड़ी और आसपास के क्षेत्रों से विभिन्न संघों और सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा राज्यपाल का अभिनंदन किया गया।
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