SIR के विरोध के पीछे घुसपैठियों को बचाने की मंशा : जेपी नड्डा

दुर्ग । छत्तीसगढ़ के दुर्ग में शुक्रवार को भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित रैली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध इसलिए कर रहा है, क्योंकि वह घुसपैठियों के सहारे चुनाव जीतकर सत्ता में आना चाहता है। नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें वोट चोरी के आरोप लगाने के बजाय जनता का भरोसा जीतने पर ध्यान देना चाहिए।

नड्डा ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव जनता के वोट से जीते जाते हैं, सड़कों पर प्रदर्शन करने से नहीं। उन्होंने राहुल गांधी को जनता के बीच जाने और उनका विश्वास हासिल करने की सलाह दी। भाजपा नेता के मुताबिक, जनता राजनीतिक दलों को उनके शासन और कामकाज के आधार पर स्वीकार या खारिज करती है। उन्होंने एसआईआर से जुड़े विवाद को देश की चिंता करने वाले देशभक्त लोगों और घुसपैठियों के समर्थन से देश चलाने की कोशिश करने वालों के बीच की लड़ाई बताया।

केंद्रीय मंत्री ने चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहां 90 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं और देश की चुनाव व्यवस्था की दुनिया भर में सराहना होती है।

उन्होंने बस्तर के चांदमेटा गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि माओवादी हिंसा के कारण वहां 2023 तक मतदान नहीं हो पाया था। सुरक्षा की स्थिति बेहतर होने के बाद गांव में मतदान केंद्र बनाया गया और करीब 300 लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। नड्डा के अनुसार, मतदान कराने के लिए चुनाव अधिकारियों ने कई किलोमीटर पैदल यात्रा की थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपने राजनीतिक हितों के लिए चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं को डराने की कोशिश कर रहा है। नड्डा ने कहा कि विपक्ष चुनाव हारने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाता है, जबकि जीतने पर उसी व्यवस्था को सही बताता है।

मतदाता सूची से एसआईआर के दौरान 13 करोड़ नाम हटाए जाने के विपक्ष के आरोप पर नड्डा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि हटाए गए नामों में करीब तीन करोड़ अनुपस्थित मतदाता, 6.30 करोड़ ऐसे लोग शामिल थे, जिन्होंने अपना पता बदल लिया था। इसके अलावा एक करोड़ डुप्लीकेट प्रविष्टियां और 2.80 करोड़ मृत मतदाताओं के नाम थे। उन्होंने कहा कि पात्र लोग अब भी मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म जमा कर सकते हैं।

नड्डा ने एसआईआर की जरूरत बताते हुए पश्चिम बंगाल के बांग्लादेश सीमा से लगे नौ जिलों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इन जिलों में मतदाताओं की संख्या में 70 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत से अधिक तक की वृद्धि हुई है। उनके अनुसार, कुछ जिलों में मतदाताओं की संख्या में तेज बढ़ोतरी की वजह घुसपैठियों की मौजूदगी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची से घुसपैठियों की पहचान कर उनके नाम हटाना है, जबकि विपक्ष ऐसे मतदाताओं के सहारे सरकार बनाना चाहता है। नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि किसी विदेशी या अपात्र व्यक्ति को भारत में वोट देने का अधिकार नहीं है।

नड्डा ने 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कांग्रेस पर लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने के बावजूद उसे दबाने का आरोप लगाया। नड्डा ने कहा कि आपातकाल के दौरान करीब 1.30 लाख लोगों को बिना आरोप दो साल तक जेल में रखा गया था। रैली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्रिमंडल के सदस्य, भाजपा विधायक, सांसद और पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे। नड्डा ने भाजपा के अभियान के तहत महेश कॉलोनी से गंजपारा चौक तक पैदल मार्च में भी हिस्सा लिया।

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