देश संसद से चलेगा, सड़क से नहीं: रविशंकर प्रसाद

'चुनाव में हराइए, पीआईएल से देश नहीं चलेगा'

राजेश अलख

नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में देश संसद से चलेगा, सड़क से नहीं। विपक्ष पर चुनाव में हार के बाद प्रदर्शन को हथियार बनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने अराजकता पर लोकतंत्र की शालीनता और अपने विश्वास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने राहुल गांधी के देश में आपातकाल जैसे हालात होने के बयान पर भी पलटवार किया।

शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, दिल्ली में पिछले कई दिनों से विपक्षी दलों के प्रदर्शन से राजधानी के लोगों को परेशानी हुई है। उन्होंने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, सीजेपी, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी नेता अपनी चुनावी हार के कारणों पर विचार करने के बजाय सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों के बीच भी एकजुटता नहीं है और सभी अपनी-अपनी राजनीति कर रहे हैं।

रविशंकर प्रसाद ने कहा, आज जो दिन भर से चला है और इसके पहले तीन दिन तक चला है, उससे दो बातें स्पष्ट आई हैं। अराजकता को प्रोत्साहित करने की कोशिश को भारत के लोकतंत्र ने ध्वस्त किया है। एक और संदेश गया है कि देश संसद से चलेगा, सड़क से नहीं।

उन्होंने उपचुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए कहा, कल नतीजे आए, असम में भाजपा जीती, नंदीग्राम में जीती और एक क्षेत्र तो 70 फीसदी अल्पसंख्यक मतदाता प्रभावित है, वहां भी भाजपा 70 हजार से ज्यादा वोटों से जीती। पुडुचेरी में एनडीए जीती। ये सभी नतीजे तब आए हैं जब दिल्ली में पिछले कई दिनों से ये सारी ‘खुराफात’ हो रही है। आपने अपनी हार के कारण सड़क के प्रदर्शन को हथियार बना दिया है। उसमें भी आप सभी लोग एक साथ नहीं चल रहे हैं, एक प्रतिस्पर्धा है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा, राहुल गांधी के लोग तीन दिन रहे, फिर आ गए आप की ‘शैडो बॉक्सिंग’ करने वाले सीजेपी। आपने देखा होगा कि सुबह से उनका नाटक चल रहा था, बाद में अरविंद केजरीवाल और बाकी लोग आ गए और बाद में ममता बनर्जी, सीपीआई आदि भी आ गए। ये जो हारे हुए हताश लोग हैं, उन्होंने दिल्ली की जनता को पिछले कई दिनों से परेशान कर रखा है। हमें हिंदुस्तान की जनता पर गर्व है कि उन्होंने उनके षड्यंत्र को असफल किया है। लोकतंत्र की शालीनता, जनता का विश्वास अराजकता पर विजयी हुआ है। ये बात मैं पूरी जिम्मेदारी से कहना चाहता हूं।

भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा, याद कीजिए जब पीएम मोदी 2014 में जीतकर, 2015 में सत्ता में आए, तभी से ईवीएम की कहानी शुरू की गई। मैं इस समय देश का कानून मंत्री था। संसद में बहुत बहस हुई। फिर एसआईआर की कहानी शुरू की गई। मैं बहुत संक्षेप में बताना चाहता हूं कि लगभग 9 से अधिक बार देश में एसआईआर हुआ है। ये कानून में प्रावधान है। मैं एक सवाल आज पूछना चाहता हूं कि जो मृत लोग हैं, क्या उन्हें मतदाता बने रहना चाहिए? जो अपने क्षेत्र में निवास नहीं करते वो वोटर बने रहने चाहिए? एक जगह से अधिक कहीं मतदान करने वाले वोटर बने रहने चाहिए?

उन्होंने कहा, देश के सामने ये संख्या आनी जरूरी है कि अभी तक 2 करोड़ 89 लाख वोटर्स मृत पाए गए। 6.3 करोड़ विस्थापित पाए गए। 1 करोड़ दोहरे मतदाता पाए गए और 3 करोड़ अनुपस्थित पाए गए। कोई आपत्ति है तो नाम जुड़ भी सकता है। सबसे जरूरी बात है कि क्या जो घुसपैठिए हैं, देश का नागरिक नहीं है, उन्हें मतदाता बनना चाहिए? तो ये लड़ाई किस बात की है? वे चाहते क्या हैं? अब तो ये हाल है कि उन्होंने राष्ट्रपति से मिलने से भी झूठबयानी का आधार बना लिया गया है। राष्ट्रपति के सोर्स से भी आपकी झूठबयानी पकड़ी गई है।

रवि शंकर प्रसाद ने आगे कहा, मैं किसी चुनाव आयुक्त का नाम नहीं लूंगा लेकिन कुछ पृष्ठभूमि देना जरूरी है। मेरे पास पूरी सूची है कि कितने मुख्य चुनाव आयुक्तों को इन लोगों ने राज्यपाल बनाया। एक साहब तो कमाल के थे, मुख्य चुनाव आयुक्त से हटे, राज्यसभा के सांसद बने और मंत्री बने। दूसरा पार्टी के एक मुख्य प्रवक्ता से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसे मैं उचित समय पर बताऊंगा लेकिन वो उचित समय कभी आया ही नहीं, राज्यसभा भी खत्म हो गई और मंत्रिपद भी पूरा हो गया।

उन्होंने आगे कहा, राहुल गांधी कृप्या करके ये कहना बंद कीजिए कि देश में आपातकाल आ चुका है। आपकी दादी की इमरजेंसी वाली कहानी ये देश जानता है।

भाजपा सांसद ने विपक्षी नेताओं के द्वारा सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाकर सीजेआई को ज्ञापन सौंपने के विषय पर कहा, सीजेआई से मिलने का विषय है तो मैं एक ही बात कहूंगा कि सामान्य तौर पर सीजेआई राजनीतिक प्रतिनिधिमंडलों से नहीं मिलते हैं। ये देश की वैधानिक परंपरा है। वैसे भी कांग्रेस पार्टी के पास बड़े-बड़े वकील हैं। केस कीजिए, बहस कीजिए। मैं एक बात निष्कर्ष में कहना चाहूंगा कि हमें चुनाव में हरा दीजिए लेकिन बार-बार जनता के द्वारा रिजेक्ट किए हुए लोग, सुप्रीम कोर्ट के गलियारों से पीआईएल दायर करके इस देश को नहीं चलाएंगे।

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