ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन: अजिंक्य शिंदे

आज फिर जंतर-मंतर की ओर कूच करेंगे प्रदर्शनकारी

नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अजिंक्य शिंदे ने एलान किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन उनका इस्तीफा न होने तक जारी रहेगा। सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रविवार को सीजेपी के कार्यकर्ता और प्रदर्शनकारी एक बार फिर से जंतर-मंतर की ओर कूच करेंगे।

उन्होंने आगे कहा, अभिजीत दिपके की दादी मां का आज निधन हो गया। इसके बावजूद पुलिस ने दिपके को उनके वकील या घर वालों से बात नहीं करने दी। पुलिस उन पर इमोशनल अत्याचार कर रही है। हमारा सवाल है कि उन्हें फ्लाइट से क्यों हिरासत में लिया गया? वो सामान्य तरह से फ्लाइट से दिल्ली आए थे। कोई भी फ्लाइट से आ सकता है। अगर वो किसी भी तरह का उल्लंघन करते, सड़क पर आकर प्रदर्शन करते, तो उनको हिरासत में ले सकते थे।

उन्होंने कहा कि हमें अभी तक नहीं पता चला है कि अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास से संपर्क नहीं हो सका है। इन लोगों के परिवारों और वकीलों को भी उनके बारे में जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने मांग की है कि दिल्ली पुलिस सभी को तुरंत रिहा किया जाए।

इससे पहले अजिंक्य शिंदे ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों से अपील की थी कि अगर दिल्ली पुलिस आपको रोकती है, तो जहां आपको रोका जा रहा है, उसी जगह को जंतर-मंतर बना दें। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देता ये लड़ाई जारी रहेगी। बता दें कि अजिंक्य शिंदे एक राजनीतिक कार्यकर्ता और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता हैं, जिनकी कॉकरोच जनता पार्टी के सांगठनिक ढांचे में एक बेहद अहम भूमिका है।

वीडियो में अजिंक्य शिंदे ने कहा था, अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को इस मोदी-शाह की तानाशाही सरकार ने दिल्ली एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया है। ये तानाशाही सरकार इस देश की एकजुटता से फिर से एक बार डर चुकी है। पिछली बार जब पूरा देश एकत्र होकर जंतर-मंतर पर आया था, तो मोदी-शाह की जोड़ी का अहंकार हमने चकनाचूर कर दिया था। इसी वजह से लोगों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए ट्रेनें-बसें बंद कर दीं और लोगों को हिरासत में ले लिया।

वीडियो में अजिंक्य शिंदे कहते नजर आ रहे हैं, अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को इस मोदी-शाह की तानाशाही सरकार ने दिल्ली एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया है। ये तानाशाही सरकार इस देश की एकजुटता से फिर से एक बार डर चुकी है। पिछली बार जब पूरा देश एकत्र होकर जंतर-मंतर पर आया था, तो मोदी-शाह की जोड़ी का अहंकार हमने चकनाचूर कर दिया था। इसी वजह से लोगों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए ट्रेनें-बसें बंद कर दीं और लोगों को हिरासत में ले लिया।’

उन्होंने आगे कहा, मोदी-शाह का डर दिखाता है कि आधी लड़ाई हम जीत चुके हैं। ये एक नई लड़ाई की शुरुआत है। हम क्या मांग रहे हैं, जिन लोगों के वोट का अधिकार चोरी हुआ है, उनको उनका अधिकार वापस मिले। जिस ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी की उसका इस्तीफा हो, हम यही तो मांग रहे थे। इसकी वजह से इस तानाशाही सरकार ने पूरी दिल्ली में इमरजेंसी लागू कर नाकाबंदी लगा दी। मेरा सभी देशवासियों से निवेदन हैं कि आप सभी लोग जंतर-मंतर की ओर कूच करें।

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