कुर्बानी को इबादत की तरह निभाएं, प्रदर्शन से बचें : मौलाना अरशद मदनी

नई दिल्ली । जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने मुस्लिम समुदाय से सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह करते हुए मंगलवार को उनसे प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी नहीं करने को कहा। जमीयत द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मौलाना मदनी ने मुसलमानों से कुर्बानी की तस्वीरें व वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा नहीं करने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने की भी अपील की।

मौलाना अरशद मदनी ने मुसलमानों को अपने संदेश में कहा कि जिस व्यक्ति के लिए कुर्बानी देना अनिवार्य है, उसे इस फर्ज को निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए मुसलमानों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे स्वयं एहतियाती उपाय करें।

मौलाना अरशद ने कहा कि (कुर्बानी के) प्रचार से बचें, खासकर सोशल मीडिया पर कुर्बान किए गए जानवरों की तस्वीरें साझा नहीं करें। उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों को कुर्बानी करते समय सरकारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए और प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी से बचना चाहिए।

जमीयत प्रमुख ने कहा कि अगर किसी स्थान पर शरारती तत्व भैंस की कुर्बानी में बाधा डालते हैं, तो कुछ समझदार और प्रभावशाली लोगों को प्रशासन को विश्वास में लेना चाहिए, और फिर कुर्बानी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इस मजहबी फर्ज को पूरा करने का कोई रास्ता नहीं है, तो पास के किसी ऐसे स्थान पर कुर्बानी दी जानी चाहिए जहां कोई कठिनाई न हो।

बकरीद पर स्वच्छता बनाए रखने की जरूरत पर जोर देते हुए, मदनी ने मुसलमानों, जमीयत स्वयंसेवकों और इमामों से आग्रह किया कि वे न केवल मस्जिदों से घोषणाएं करें, बल्कि स्वयंसेवकों की टीमें बनाकर कुर्बानी के बाद अपशिष्ट का उचित निपटान करने के लिए स्वच्छता अभियानों में सक्रिय रूप से हिस्सा लें।

मौलाना मदनी ने यह भी कहा कि हर संभव प्रयास किया जाए कि हमारे काम से किसी को तकलीफ़ न पहुंचे। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने सोमवार को मुसलमानों से ईद-उल-अज़हा के दौरान गायों की कुर्बानी न करने की अपील की और केंद्र से मदनी के गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर ध्यान देने का आग्रह किया।

कुछ दिन पहले मदनी ने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते हुए कहा था कि मुस्लिम समुदाय को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी। फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने भी समुदाय से सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह करते हुए कहा कि कुर्बानी के बाद साफ-सफाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ईद के दौरान गरीबों और रिश्तेदारों का खास ख्याल रखें। शाही इमाम ने लोगों से कहा कि ईद पर कुर्बानी देना ‘इबादत है और इसे इबादत की तरह ही लें’ तथा इसके फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर ना डालें।

पिछले हफ्ते दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा था कि बकरीद पर गायों, बछड़ों, ऊंटों और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी देना पूरी तरह से अवैध है और ऐसा करने पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।मंत्री ने यह भी कहा था कि सार्वजनिक स्थलों, गलियों और सड़कों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं है तथा ऐसा करने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

No Comments:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National News

Politics