गंगटोक : भारतीय निर्वाचन आयोग की निदेशक शुभ्रा सक्सेना ने आज गंगटोक स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में सिक्किम में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 की तैयारियों और प्रगति की समीक्षा की। सक्सेना 31 मई से 4 जून 2026 तक सिक्किम के आधिकारिक दौरे पर हैं।
इसके अलावा, ईसीआई निदेशक ने आज सिचे स्थित डीआईसी में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) और बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ भी समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान ईसीआई निदेशक ने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण कराए जाने के उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि इस प्रक्रिया का मुख्य लक्ष्य मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाना है, ताकि केवल पात्र मतदाताओं के नाम ही सूची में शामिल रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाताओं के नाम हटाना नहीं है, बल्कि राज्य के मतदाताओं की पात्रता और प्रामाणिकता का सत्यापन करना है। उन्होंने राज्यभर में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत चल रहे गणना प्रपत्रों के वितरण, मतदाताओं के सत्यापन और अन्य संबंधित कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने समावेशी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने के महत्व पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सभी पात्र मतदाताओं को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
निदेशक ने पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सही मैपिंग और सत्यापन के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और बूथ स्तरीय अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराते हुए निर्देश दिया कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे।
सक्सेना ने कहा कि बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं को गणना प्रपत्र भरने और आवश्यक विवरण ईसीआईनेट पोर्टल पर अपलोड करने में सक्रिय रूप से सहायता करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाताओं को बिना उचित मार्गदर्शन के केवल प्रपत्र देकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। जहां भी सहायता की आवश्यकता हो, वहां बीएलओ को स्वयं प्रक्रिया को सुगम बनाना होगा, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे।
बैठक में उन मतदाताओं के सत्यापन और मैपिंग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई, जिनके रिकॉर्ड पूर्व की मतदाता सूचियों में आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। अधिकारियों को उपलब्ध अभिलेखों का उपयोग करते हुए उचित सत्यापन प्रक्रिया अपनाने और पात्र मतदाताओं की सही पहचान तथा नामांकन सुनिश्चित करने की सलाह दी गई।
इसके अलावा निदेशक ने बूथ स्तरीय अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी सावधानी, शुद्धता और ईमानदारी के साथ करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर की जाने वाली जांच ही मतदाता सूची की विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है। उन्होंने बीएलओ को निर्देश दिया गया कि वे अपने निर्धारित लॉगिन विवरण के माध्यम से ईसीआईनेट पोर्टल पर लॉगिन करें और गणना प्रपत्र से जुड़े कार्यों, सत्यापन तथा मतदाता विवरणों के समयबद्ध अद्यतन को पूरा करें। निदेशक ने क्षेत्रीय स्तर पर सावधानीपूर्वक सत्यापन और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक के दौरान एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें निदेशक ने बीएलओ से बातचीत की और चल रही पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े उनके प्रश्नों का उत्तर दिया। इससे पहले उन्होंने जिला प्रशासनिक केंद्र के मिनी सभागार में गंगटोक जिले के लिए स्थापित मीडिया मॉनिटरिंग सेल का भी दौरा किया। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज कुमार यादव, गंगटोक के जिला निर्वाचन अधिकारी सह जिलाधिकारी रोहन अगवाने, एडीसी (मुख्यालय) सिसुम वांग्चुक भूटिया, एडीसी (विकास) रजनी शर्मा, एसडीएम (मुख्यालय) महेंद्र छेत्री, गंगटोक एसडीएम सीएस लिम्बू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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