मंत्री छिरिंग टी. भूटिया ने किया प्रभावित इलाके का निरीक्षण
गेजिंग : पश्चिम सिक्किम के गेजिंग जिले के रिम्बी गांव में लगातार बारिश, बाढ़ और सक्रिय भूस्खलन ने स्थिति गंभीर कर दी है। गुरुवार रात भूस्खलन ने अपना रुख गांव की ओर कर लिया, जिससे कई मकान प्रभावित हुए। इस दौरान दो मकान पूरी तरह बह गए, जबकि करीब 32 मकानों और चार सरकारी आवासों पर खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
सिंगलिताम पहाड़ी से लगातार पत्थर, मिट्टी और मलबा नीचे आने के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। पिछले 24 घंटों में योक्सम-रिम्बी क्षेत्र में 224.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में इस अवधि की सर्वाधिक बारिश बताई गई है। भारी बारिश के कारण रिम्बी-योक्सम और रिम्बी-खेचीपेरी सड़क मार्ग भी मलबे और बड़े पत्थरों के कारण अवरुद्ध हो गए हैं। भूस्खलन की समस्या क्षेत्र में अगस्त से बनी हुई है, जबकि रिम्बी गांव में सितंबर से इसका प्रभाव लगातार देखा जा रहा है। ताजा बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। मिट खोला के आसपास के मकान भी अब मलबे और बाढ़ के पानी की चपेट में आने लगे हैं।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। खतरे वाले अधिकांश परिवारों को रिम्बी पंचायत भवन तथा अन्य राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। कुछ परिवारों ने रिश्तेदारों के घरों में भी शरण ली है। प्रशासन ने लोगों को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों, मलबे वाले स्थानों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।
शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री Tshering T. Bhutia के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रशासनिक दल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। दल में राहत आयुक्त रिनजिंग छेवांग भूटिया, गेजिंग जिला कलेक्टर तेनजिंग डी डेंजोंग्पा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं तथा राहत एवं पुनर्वास व्यवस्था की समीक्षा की।

राहत आयुक्त ने प्रभावित परिवारों को सरकारी प्रावधानों के अनुसार तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि जरूरत के अनुसार राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
वहीं, मंत्री छिरिंग टी. भूटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग को रिम्बी की स्थिति से अवगत करा दिया गया है और राज्य सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से विशेष रूप से रात के समय अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और लोगों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
जिला प्रशासन फिलहाल हाई अलर्ट पर है। लगातार बारिश और पहाड़ी ढलानों के खिसकने की आशंका के बीच संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है तथा राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
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