पाकिम : सिक्किम के पाकिम जिले में महिला, बाल, वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग की ओर से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम और बेटी जन्मोत्सव का आयोजन किया गया।
इस दौरान बालिकाओं के जन्म का उत्सव मनाने के साथ उनके सम्मान, शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तीकरण का संदेश दिया गया। जिले के नौपगांव आंगनबाड़ी केंद्र में 14 अक्टूबर, रंगली बाजार आंगनबाड़ी केंद्र में 15 अक्टूबर, न्यू मार्केट और तारपिन आंगनबाड़ी केंद्रों में 16 अक्टूबर तथा आहो आंगनबाड़ी केंद्र में 17 अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों में विभाग की उपनिदेशक सह समाज कल्याण पदाधिकारी और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की जिला नोडल अधिकारी डिकित लेप्चा ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बालिकाओं को महत्व देने, उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बालिका के लिए सुरक्षित, सहयोगपूर्ण और सशक्त वातावरण तैयार करना जरूरी है, ताकि वे अपने अधिकारों के साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने महिलाओं और बच्चों की सहायता के लिए उपलब्ध सेवाओं की जानकारी भी दी। इस दौरान महिला हेल्पलाइन नंबर 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में बताया गया।
उन्होंने जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा, देखभाल तथा सहायता उपलब्ध कराने में इन सेवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, संबंधित सेवाओं के प्रति जागरूकता फैलाने और जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाने की अपील की।
जागरुकता कार्यक्रमों के बाद केक काटकर बेटी जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर बालिकाओं को उपहार भी वितरित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने और परिवारों को बेटियों के स्वागत के लिए प्रोत्साहित करना था। इसके माध्यम से बालिकाओं के सम्मान, गरिमा और उनकी क्षमताओं को पहचानने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रमों के सफल संचालन में समाज कल्याण निरीक्षक छेवांग छेडेन भूटिया, नुजांगमु लेप्चा, यालम राई, मिंग्मा ल्हमू शेरपा, अलीशा सुब्बा और रीता छेत्री ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभाग ने इन पहलों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के कल्याण एवं सशक्तीकरण, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
No Comments: