सीमावर्ती गांवों में कृषि विकास को बढ़ावा देने पर जोर

किसानों में आलू व राजमा के बीज वितरित

पाकिम : सिक्किम सरकार के कृषि विभाग ने बागवानी विभाग के सहयोग से शुक्रवार को लिंगताम में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2 (वीवीपी-2) के अंतर्गत प्रशिक्षण सह वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान किसानों को आधुनिक कृषि एवं बागवानी गतिविधियों की जानकारी देने के साथ ही आलू और राजमा के बीज वितरित किए गए।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती गांवों के किसानों को सरकारी योजनाओं, कृषि एवं बागवानी संबंधी सुविधाओं तथा आजीविका के नए अवसरों के प्रति जागरूक करना था। साथ ही कृषि उत्पादन बढ़ाने और टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में रोंगली के समाजसेवी कैनी गुरुंग, युवा संयोजक सुरेश तमांग, लिंगताम फादामचेन जीपीयू अध्यक्ष अरुण गुरुंग, पंचायत सदस्य रापदेन भूटिया एवं चेंगा शेर्पा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य वांगदी भूटिया सहित बड़ी संख्या में किसान, युवा और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

इस अवसर पर रेगु प्रखंड के कृषि विकास अधिकारी अशोक गुरुंग, बागवानी विकास अधिकारी कर्मा पिंछो लेप्चा, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधक साइमन मंगर तथा लिंगताम पदमचेन के सर्किल प्रभारी एमबी मुखिया सहित दोनों विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान विभागीय अधिकारियों ने किसानों को वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न योजनाओं, कृषि एवं बागवानी संबंधी सहायता तथा सरकारी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान किसानों, पंचायत प्रतिनिधियों और युवाओं ने स्थानीय कृषि संबंधी समस्याओं, आवश्यकताओं तथा विकास की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की।

कृषि विभाग ने कहा कि सीमावर्ती गांवों में कृषि विकास और किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए कृषि एवं बागवानी विभाग, पंचायत संस्थाओं, स्थानीय समुदाय और युवाओं के बीच समन्वय आवश्यक है। विभाग ने जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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