गंगटोक : सिक्किम के पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज ‘हेलन लेप्चा सिक्किम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज’ के प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ शुक्रवार को सोकेथांग में आयोजित गरिमामय समारोह में हुआ। राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा संस्कृति मंत्री जीटी ढुंगेल की उपस्थिति में महान स्वतंत्रता सेनानी हेलन लेप्चा की आदमकद प्रतिमा तथा मेडिकल कॉलेज के आधिकारिक लोगो का अनावरण किया।
हेलन लेप्चा सिक्किम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अप्रैल 2026 को किया था। राज्य के पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज की शुरुआत को सिक्किम के चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। प्रथम शैक्षणिक सत्र के अवसर पर मनन केंद्र में आयोजित मुख्य समारोह में मेडिकल कॉलेज के प्रथम बैच के छात्र-छात्राओं के लिए व्हाइट-कोट सेरेमनी और शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित किया गया। राज्यपाल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को व्हाइट कोट प्रदान किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने मेडिकल कॉलेज की स्थापना को सिक्किम में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत बताया। उन्होंने इसके लिए सिक्किम सरकार के प्रयासों को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान के शुरू होने से राज्य के विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प तथा पूर्वोत्तर को देश के विकास का नया इंजन बनाने की दृष्टि का भी उल्लेख किया।
राज्यपाल ने मेडिकल कॉलेज का नाम स्वतंत्रता सेनानी हेलन लेप्चा के नाम पर रखे जाने को नारी शक्ति के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने प्रथम बैच के विद्यार्थियों से पूर्ण निष्ठा, मानवीय मूल्यों और सेवा भावना के साथ भविष्य में अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रथम बैच द्वारा स्थापित किए जाने वाले मूल्य और आचरण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक होंगे। शिक्षण संकाय से उन्होंने विद्यार्थियों को केवल कुशल डॉक्टर ही नहीं, बल्कि नैतिकता, संवेदनशीलता और समाज के प्रति जवाबदेही की भावना से युक्त चिकित्सक बनाने का आग्रह किया।
सिच्छे स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में अकादमिक भवन को केंद्रीय सुविधा के रूप में विकसित किया गया है। परिसर में स्नातक विद्यार्थियों, इंटर्न और पीजी विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग छात्रावासों के अलावा नर्सेज हॉस्टल, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट क्वार्टर, गैर-शिक्षण कर्मचारियों के आवास, शिक्षण कर्मचारियों के आवास, रेजिडेंट डॉक्टरों के हॉस्टल तथा प्रिंसिपल और वाइस-प्रिंसिपल के आवास की व्यवस्था की गई है।
परिसर में खेल और मनोरंजन की सुविधाओं के तहत बास्केटबॉल कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, जिम्नेजियम और इनडोर बैडमिंटन कोर्ट भी बनाए गए हैं। इसके अलावा अंडरग्राउंड रिजर्वायर और पंप रूम, इलेक्ट्रिकल सबस्टेशन, डीजी सेट, एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट और डे-केयर सेंटर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। परिसर में आंतरिक वाहन मार्ग, पैदल पथ, लैंडस्केप क्षेत्र, जल निकासी और जल चैनल तथा विभिन्न सुविधाओं को जोड़ने वाली संपर्क सड़कों की व्यवस्था भी की गई है।
मेडिकल कॉलेज का नाम स्वतंत्रता सेनानी हेलन लेप्चा की स्मृति में रखा गया है। 1902 में नामची जिले के सोंगबोंग, असांगथांग में जन्मीं हेलन लेप्चा ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्होंने असहयोग आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया। स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के सम्मान में भारत सरकार ने 1972 में उन्हें ताम्रपत्र से सम्मानित किया था। मेडिकल कॉलेज के लोगो में चिकित्सा विज्ञान, शिक्षा और मानव सेवा को सिक्किम की हिमालयी विरासत से जोड़ा गया है। लोगो के साथ संस्थान का आदर्श वाक्य ‘लर्निंग टू हील, सर्विंग ह्यूमैनिटी’ रखा गया है, जो चिकित्सा शिक्षा के साथ मानव सेवा की भावना को रेखांकित करता है।
कार्यक्रम में राज्य के मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, सलाहकार, गंगटोक नगर निगम के मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षद, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, विभिन्न विभागों के सचिव एवं विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के डीन, संकाय सदस्य, नवप्रवेशित विद्यार्थी, उनके अभिभावक और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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